ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की मोहन भागवत से मुलाकात, तेज हुई मोदी कैबिनेट में जाने की अटकलें

नई दिल्ली। कई सालों तक कांग्रेस में रहकर बीजेपी का दामन थाम चुके राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने की अटकलें शुरू हो गई है। दरअसल, इस पूरे मामले की पटकथा संघ प्रमुख मोहन भागवत और सिंधिया के बीच हुई मुलाकात से हुई।

भागवत और सिंधिया की मुलाकात ने प्रदेश के पुराने बीजेपी नेताओं की धड़कने बढ़ा दी है।

अकेले संघ प्रमुख से मिलने पहुंचे सिंधिया

दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी में शामिल होने के सिंधिया करीब 6 माह बाद पहली बार नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय पहुंचे। सिंधिया अकेले वहां पहुंचे थे, जिससे किसी अन्य नेता के न होने के मायने भी निकाले जा रहे हैं। आमतौर पर सिंधिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ही नजर आते हैं। माना जा रहा है कि सिंधिया की संघ तक पहुंच में पार्टी की मराठी लॉबी की सक्रियता है।

पुराने नेताओं की बढ़ी धड़कन

गौरतलब है कि मंगलवार को सिंधिया ने नागपुर में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सर कार्यवाह भय्याजी जोशी से मुलाकात की थी। मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर भी सिंधिया शक्ति प्रदर्शन की शुरुआत कर चुके हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में भाजपा के तीन दिनी सदस्यता अभियान में उनके आह्वान पर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए हैं। उन पर यहां की 16 विधानसभा सीटों पर जीत की जिम्मेदारी है।

चर्चा यहां तक है कि संघ प्रमुख से मुलाकात सिंधिया और भागवत के बीच हुई इस गुपचुप बैठक में मोदी कैबिनेट में उन्हें शामिल करने पर बातचीत हुई। हालांकि, अभी तक ना तो बीजेपी और ना ही आरएसएस की तरफ से इस पर कोई बयान आया है। यह चर्चा मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चल रही है।