हाथ जोड़कर रोती रही महिला, डॉक्टरों ने बिना बीमारी कर डाला ऑपरेशन

नई दिल्ली। जयपुर के एक अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी (Jaipur Hospital) और लापरवाही का बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, चिरंजीवी योजना के तहत सरकारी पैसा निकालने के लिए अस्पताल ने बिना किसी बीमारी के एक महिला का ऑपरेशन कर दिया। महिला की शिकायत के बाद अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने भी जांच टीम बनाई है।

यह मामला अजमेर का बताया जा रहा है। अस्पताल पर आरोप है कि पति के पथरी का इलाज के लिए आई महिला का बिना बीमारी के ही घुटने का ऑपरेशन कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल ने कई लोगों के साथ ऐसा किया, ताकि बीमा के पैसे को वसूला जा सके।

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क्या है पूरा मामला

अजमेर के मसूदा की अमर सिंह की बाड़िया गांव की रहने वाले 70 साल की भंवरी देवी को सांस लेने में हल्की दिक्कत थी। लेकिन, अस्पताल (Jaipur Hospital) ने जबरन उनके घुटने का ऑपरेशन कर दिया। बताया जा रहा है कि भंवरी देवी ने डॉक्टरों के आगे हाथ भी जोड़े, रोई भी, लेकिन किसी ने एक ना सुनी।

दरअसल, 18 दिसंबर को गांव में जयपुर के रजत अस्पताल की तरफ से पर्चा बांटकर कैंप लगाया था। वहां भंवरी सांस फूलने की गोली लेने गई थीं। शाम को भंवरी को बढ़िया इलाज के नाम परजयपुर लाया गया और बीमा के पेपर पर अंगूठा लगाकर ऑपरेशन कर दिया गया।

इकलौता मामला नहीं

ऐसा नहीं है कि यह इस अस्पताल की पहली करतूत हो। इससे पहले 35 साल की अजमेर के खीमपुरा गांव के परमेश्वरी के साथ तो और भी बुरा हुआ है। वह अपने पति का पथरी का ऑपरेशन कराने जयपुर आईं। अस्पताल वालों ने पहले तो पति का एएमआरआई किया और फिर पत्नी को बोला कि ये मशीन शरीर की बीमारी पकड़ लेती है। आप भी अपनी जांच करा लो।

दोनों का एमआरआई करने के बाद डॉक्टर ने कहा कि दोनों को ऑपरेशन (Jaipur Hospital) कराने पड़ेंगे नहीं तो एमआईआर के सात-सात हजार देने पड़ेंगे, नहीं दोगे तो पुलिस बुला लेंगें। फिर केवल सुई देने के नाम पर पति के रीढ़ की हड्डी पर चीरा लगा दिया और पत्नी के घुटने पर चीरा लगा दिया और चिरंजीवी बीमा योजना के कागज पर साइन कराकर रात को अस्पताल से निकाल दिया।

इस मामले में जयपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी नरोत्तम शर्मा ने कहा कि तीन डॉक्टरों की टीम बना दी गई है और मामले की जांच जारी है। राजस्थान सरकार में जयपुर के मंत्री प्रताप सिंह खाचारियावास का कहना है कि अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। सरकार का कहना है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा।