भारत का चीन को झटका, ITBP ने पेंगौंग झील के पास महत्वपूर्ण मोर्चों पर जमाया कब्जा

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भारत का चीन को झटका, ITBP ने पेंगौंग झील के पास महत्वपूर्ण मोर्चों पर जमाया कब्जा
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख की पेंगोंग झील (Pangong Lake) के दक्षिणी किनारे की प्रमुख चोटियों पर सेना की मोर्चेबंदी के बाद इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के कम-से-कम 30 जवानों ने कुछ और नए और अहम मोर्चों पर झंडा गाड़ दिया। ITBP के जवानों ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ब्लैक टॉप एरिया के पास नई जगहों पर अपनी मोर्चेबंदी कर ली।

भारत के लिए यह बड़ी कामयाबी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूर्वी लद्दाख में LAC पर तैनात चीनी सैनिकों की हर हरकत इन ITBP जवानों की साफ-साफ पकड़ में आती रहेगी।

ब्लैक टॉप पर भी भारत की मोर्चेबंदी

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ITBP जवान फुरचुक ला पास (Phuchuk La Pass) से गुजरते हुए ब्लैक टॉप तक पहुंचे। फुरचुक ला पास 4,994 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। अब तक आईटीबीपी की तैनाती सिर्फ पेंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर स्थित फिंगर 2 और फिंगर 3 एरिया के पास धान सिंह पोस्ट पर ही हुआ करती थी।

जवानों के बीच 6 दिन तक रहे ITBP के डीजीपी

आईटीबीपी के आईजी (ऑपरेशंस) एम. एस. रावत ने अखबार से बातचीत में कहा, ‘आईटीबीपी के डीजीपी एस. एस. देसवाल ने पिछले हफ्ते जवानों के साथ छह दिन गुजारे और उन्हें एलएसी पर जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क किया। पहली बार हम अच्छी-खासी संख्या में इन चोटियों पर मौजूद हैं।’ आईजी रावत ने भी डीजीपी देसवाल के साथ सीमा पर छह दिन का वक्त गुजारा। उनके साथ आईजी (पर्सोनल) दलजीत चौधरी और आईजी (लेह) दीपम भी थे।

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देसवाल ने 23 से 28 अगस्त तक सीमा का दौरा किया और बल की कई चौकियों पर गए। इस दौरान उन्होंने ‘विपरीत परिस्थितियों में साहस का प्रदर्शन करने के लिए’ जवानों की प्रशंसा की। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि बॉर्डर आउटपोस्ट के बीच आवाजाही के लिए उन्हें अतिरिक्त वाहन मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब पूरा जोर सड़क बनाने पर होगा ताकि आवाजाही कि लिए खच्चरों पर निर्भरता सीमित की जा सके।

इन महत्वपूर्ण पॉजिशनों पर भारत का दबदबा

कुल मिलाकर देखें तो अब हेलमेट टॉप, ब्लैक टॉप और येलो बंप पर आर्मी, आईटीबीपी और स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) की मोर्चेबंदी हो गई है और उन्हें सभी इन जगहों से सीधे चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के दक्षिणी छोर पर स्थित पोस्ट 4280 जबकि पश्चिम छोर पर स्थित डिगिंग एरिया और चुती चामला पर चल रही हर गतिविधी साफ-साफ दिख रही है। एक सूत्र ने कहा, ‘पीएलए के पोस्टों के ऊपर चोटियां पहले खाली थीं और उन पर किसी का कब्जा नहीं था। अब हमारे सैनिकों ने भारतीय सीमा की किलेबंदी कर दी है।’

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ITBP ने किया कमाल

आईटीबीपी ने एलएसी के पास अब तक 39 से ज्यादा जगहों पर स्थाई मोर्चेबंदी कर ली है जहां इसके जवाब डटे हुए हैं। आईटीबीपी के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा, ‘आईटीबीपी के जवान अच्छी-खासी संख्या में चुशूल और तारा बॉर्डर आउटपोस्ट्स के पास तैनात हैं। चंडीगढ़ से अतिरिक्त कंपनियां एयरलिफ्ट की गई हैं।’ आईटीबीपी ने 14 अगस्त को खुलासा किया था कि इसने अपने 21 जवानों के नाम गैलंट्री अवॉर्ड के लिए प्रस्तावित किए हैं जिन्होंने मई-जून में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों का मुकाबला किया था।