किसी रडार के पकड़ में नहीं आएगा ‘मेड इन इंडिया’ INS Kavaratti, नौसेना में हुआ शामिल

नई दिल्ली. भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए आज का दिन काफी अहम है. गुरुवार को नेवी को आईएनस कवरत्ती (INS Kavaratti) भारतीय नौसना का हिस्सा बना गया है. ये एक एंटी सबमरीन वॉरफेयर जहाज है, जो भारतीय नौसेना में अहम भूमिका निभाएगा.

गुरुवार को विशाखापट्टनम में नेवल डॉकयार्ड में एक कार्यक्रम के दौरान INS Kavaratti को नौसेना में शामिल किया गया.

जनरल नरवणे ने किया राष्ट्र को सुपुर्द

भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने गुरुवार को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी प्रणाली से लैस स्वदेशी आईएनएस कावारत्ती (INS Kavaratti) सौंपी.

यह प्रोजेक्ट-28 के तहत स्वदेश में निर्मित चार पनडुब्बी निरोधी जंगी स्टील्थ पोत में से आखिरी जहाज है. तीन युद्धपोत इससे पहले ही भारतीय नौसेना को सौंपे जा चुके हैं.

मेड इन इंडिया है 90 फीसदी से ज्यादा उपकरण

INS Kavaratti की खासियत यह भी है कि इसमें 90 फीसदी से अधिक देशी उपकरण हैं. भारतीय नौ सेना के मुताबिक, इसे भारतीय नेवी की नेवल डिजाइन टीम ने डिजाइन किया है, जो कि अब इस क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर होने के सबूत देता है.

बता दें कि यह प्रोजेक्ट-28 के तहत स्वदेश में निर्मित 4 पनडुब्बी रोधी जंगी स्टील्थ पोत (रडार की पकड़ में ना आने वाले जहाज) में से आईएनएस करवत्ती (INS Kavaratti) आखिरी जहाज है. 3 युद्धपोत इससे पहले ही भारतीय नेवी को सौंपे जा चुके हैं.

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प्रोजेक्ट 28 की शुरुआत 2003 में की गई थी, अबतक INS कमरोता, INS कदमत, INS किल्टन नौसेना को मिल चुके हैं. आईएनएस कवरत्ती (INS Kavaratti) में 90 फीसदी उपकरण स्वदेशी हैं. इसमें अत्याधुनिक ह थि;यार प्रणाली है, साथ ही ऐसे सेंसर लगे हैं जो दुश्मन की पनडुब्बियों का आसानी से पता लगा सकते हैं.