तैयारी भी और तेवर भी… ऐसे पीएम मोदी की रणनीति से झुका चीन, पीछे हटाई सेना

0
166
PM-Modi-leh
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच करीब 8 हफ्तों से जारी तनातनी में कुछ नरमी देखने को मिली है. चीनी सेना गलवान घाटी में पीछे हट गई है. इसका सबसे बड़ा श्रेय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को दिया जा रहा है, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहते हुए चीन को पीछे हटने पर मजबूर किया.

गलवान विवाद के बाद से चीन पर आर्थिक प्रतिबंध हो या फिर चीनी सामान का बहिष्कार, हर मोर्चे पर मोदी सरकार ने ड्रैगन को माकूल जवाब दिया. आइये जानते हैं कैसे पीएम मोदी की रणनीति से चारों खाने चित्त हुआ चीन…

अजीत डोभाल ने निभाई अहम भूमिका

भारत चीन के बीच तनाव कम करने में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ये सहमति बनी है.

ये भी पढ़ें : भारत के शेर के आगे झुका ड्रैगन, सिर्फ 2 घंटे की बातचीत में NSA अजीत डोभाल ने पलट दी बाजी

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से प्रतिनिधि तय किए गए हैं. भारत की ओर से अजित डोभाल ही स्थाई प्रतिनिधि हैं, जिनकी बात चीनी विदेश मंत्री से हुई है.

ऐसे पीछे हटी चीनी सेना

चीन की सेना को पीछे हटाना कोई आसान काम नहीं था. इसके लिए पूरी रणनीति दिल्ली में पीएम मोदी की मॉनिटरिंग में बनी. मसलन भारत ने सीमा पर फौजी शक्ति बढ़ाई, अपने फाइटर जेट्स तैयार किए. चीन के खिलाफ दुनिया भर में माहौल बनाया.

दूसरी तरफ चीन भी भारत को लगातार उकसाने की कोशिश करता रहा, लेकिन पीएम मोदी ने चीन का कभी भी सीधे तौर पर नाम नहीं लिया. इसी कारण दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खुला. दूसरी तरफ आर्थिक मोर्चे पर भी चीन मुंह की खाता दिखा.

आर्थिक प्रतिबंध भी आए काम

इन सबके अलावा मोदी सरकार ने चीन के खिलाफ देश में आर्थिक रणनीति तैयार कर ली. चीन से आने वाला माल बंदरगाहों पर रोक दिया गया. भारत में जिन कंपनियों को बड़े ठेके दिए गए थे, उन्हें निरस्त कर दिया गया.

हर साल भारत से अरबों का कारोबार करने वाले 59 एप्स को बैन कर मोदी सरकार ने साफ कर दिया कि सीमा विवाद पर भारत ड्रैगन के आगे नहीं झुकेगा. इसका नजीता भारत के लिए पॉजिटिव रहा और चीन को मामला आगे बढ़ाने में कोई फायदा नहीं दिखा.

सीमा पर जाकर बढ़ाया जवानों का हौसला

इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लद्दाख पहुंचकर चीन को कड़ा संदेश दिया. इस दौरान पीएम मोदी ने जवानों का हौसला बढ़ाया. प्रधानमंत्री ने बिना चीन का नाम लिए निशाना साधा. उन्होंने कहा था, हम कृष्ण की बांसुरी और सुदर्शन चक्र दोनों को आदर्श मानते हैं.

अमेरिका समेत दूसरे देशों का साथ

दूसरी तरफ मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चीन के खिलाफ भूमिका बनानी जारी रखी. हाल ही में अमेरिका ने भारत के खिलाफ चीन की विस्तारवादी नीतियों की अमेरिकी सीनेटर कड़े शब्दों में आलोचना की है.

अमेरिका के एक सीनेटर ने कहा कि चीन कभी भी अंतरराष्ट्रीय समझौतों में यकीन नहीं करता है. दूसरी ओर, रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि अमेरिका, चीन के खिलाफ भारत का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि चीन को लगता है कि वो तभी पावरफुल हो सकता है जब अमेरिका और भारत कमजोर होंगे.