भारत में शुरू हुआ चीन का आर्थिक बहिष्कार, लोग बोले-शेर हैं PM मोदी, पूरा देश उनके साथ है

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(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की हिमाकत के बाद भारत ने भी चीन का आर्थिक बहिष्कार शुरू कर दिया है. चुन-चुन कर सरकार आर्थिक मोर्चे पर चीन को जवाब दे रही है, चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. कई कंपनियों के ठेके रद्द किए जा चुके हैं और देशभर में चीनी एप्स को बैन कर दिया गया है.

पीएम मोदी के इस त्वरित फैसले से कई लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई सकारात्मक प्रतिक्रियांए आ रही हैं. कई लोग प्रधानमंत्री मोदी को फैसले की सराहना कर रहे. उनका कहना है कि ऐसे कड़े फैसले सिर्फ पीएम मोदी ही ले सकते हैं और देश की जनता इस वक्त उनके साथ खड़ी है.

चीन का आर्थिक बहिष्कार

यह पहला मौका नहीं है, जब भारत ने चीन को झटका दिया है. इससे पहले हजारों करोड़ों के टेंडर निरस्त किए जा चुके हैं. गलवान की घटना के बाद देश में लगातार चीन के सामान के बहिष्कार की मुहिम तेज हो रही है. फिल्म स्टार से लेकर नेता तक चीन के सामान को इस्तेमाल ना करने की अपील कर रहे है.

साफ है कि भारत ने चीन को आर्थिक स्तर पर नुकसान देना शुरू कर दिया है. इसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं.

ये ठेके हो चुके हैं रद्द

  1. MTNL और BSNL 4जी नेटवर्क के लिए चीनी कलपुर्जे का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया.
  2. रेलवे ने 471 करोड़ रुपये का सिगनलिंग प्रोजेक्ट रद्द कर दिया है.
  3. MMRDA ने मोनोरेल से जुड़ी चीन की 2 कंपनियों का टेंडर रद्द कर दिया.
  4. MMRDA ने 10 मोनोरेल रैक्स बनाने की बोली भी रद्द कर दी.
  5. मेरठ रैपिड रेल का टेंडर चीनी कंपनी के पास था, इसे भी रद्द कर दिया गया.
  6. महाराष्ट्र सरकार ने तलेगांव में ग्रेट वॉल का टेंडर रद्द कर दिया.
  7. महाराष्ट्र सरकार ने PMI इलेक्ट्रो मोबिलिटी और हेंगली इंग का टेंडर भी रद्द कर दिया.
  8. हरियाणा सरकार ने चीनी कंपनियों का 780 करोड़ रुपए का ऑर्डर रद्द कर दिया.
  9. हरियाणा सरकार ने हिसार और यमुनानगर में चीनी कंपनियों के टेंडर रद्द किए.
  10. यूपी सरकार ने तय किया है कि एनर्जी सेक्टर में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं होगा.
  11. यूपी सरकार ने तय किया है कि सूबे में चीनी बिजली मीटर का उपयोग नहीं किया जाएगा.
  12. दिल्ली होटल एसोसिएशन ने तय किया है कि होटलों में चीनी नागरिकों को कमरा किराए पर नहीं दिया जाएगा. साथ ही बोधगया होटल एसोसिएशन ने भी चीनी पर्यटकों का बहिष्कार किया है.
  13. पटना में महासेतु परियोजना के तहत 2900 करोड़ रुपए का टेंडर केंद्र ने सिर्फ इसलिए रद्द कर दिया, क्योंकि उसके निर्माण में 2 चीनी कंपनियां शामिल थीं

देशभर में हो रहा चीनी सामान का बहिष्कार

भारत में भी चीनी सामानों का बहिष्कार का असर दिखा रहा है. चीन से आने वाले माल की बड़ी-बड़ी खेप बंदरगाहों पर आकर कई दिनों से यूं ही पड़ी है. 22 जून के बाद से चीन से आए सामान को कोई लेने वाला नहीं है. सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. लेकिन, कारोबार से जुड़े लोग कहते हैं कि संकेत साफ है, चीन में बने सामानों की डिलीवरी अभी नहीं करनी है.

भारत में बैन किए गए पॉपुलर चीनी ऐप्स

इन सबके बीच मोदी सरकार ने बीती रात चीन को एक और तगड़ा झटका दिया. 59 चीनी ऐप को बैन कर दिया गया है. ये कदम आईटी एक्ट 2000 के मुताबिक उठाया गया है. इनमें से कई एप पर भारतीयों का डेटा चोरी करने का आरोप लग रहा था. चीन को हर मोर्चे पर जैसे को तैसा का जवाब दिया जाएगा.

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यह नुकसान भले ही हमें ना दिखे, लेकिन 59 एप्स चलाने वाली चीनी कंपनियों को हर महीने कई करोड़ों का नुकसान होगा. दरअसल, ये कंपनियां अपने एप्प पर विज्ञापनों के जरिए कमाई करती हैं. एक अनुमान के मुताबिक, इन एप्स के यूजर्स की संख्या इतनी है कि हर महीने भारत से करोड़ों में कमाई होती है. टिकटॉक जैसे बड़े एप्स के लिए यह नुकसान और भी बड़ा होगा.

दूरसंचार मंत्री बोले-सुरक्षा से समझौता नहीं

देश के दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सरकार के फैसले पर ट्वीट किया और कहा, ‘भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के साथ ही भारत के लोगों के डेटा को सुरक्षित रखने और प्राइवेसी के लिए सरकार ने 59 मोबाइल एप को बैन किया है. जय हिंद!’