भारत के राफेल ने उड़ाया चीन का चैन, बचने को चीन ने लद्दाख से अरुणाचल तक बनाया मिसाइलों का किला

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भारतीय वायु सेना को राफेल मिलने से पाकिस्तान में मचा हड़कंप, चीन से मांगी मदद
(Image Courtesy: Google)

पेइचिंग। भारत-चीन सीमा पर जारी गतिरोध के बीच भारत के राफेल ने चीन का चैन उड़ा दिया है। लद्दाख में भारतीय जमीन पर कब्जा करने की फिराक में जुटे चीन को राफेल की ताकत का डर सताने लगा है। शायद यही कारण है कि लद्दाख से अरुणाचल तक की सीमा पर चीन हवाई किलेबंदी में लग गया है।

दरअसल, सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से पता चला है कि चीन अपनी सीमा पर बने हवाई ठिकानों पर बड़े पैमाने में सतह से हवा में कार करने वाली मिसाइलें तैनात कर रहा है।

डिफेंस सिस्टम तैनात करने की खबर

राफेल के अंबाला में तैनात होने के बाद से ही चीन को भारत के हवाई ह’म;ले का डर सता रहा है। मीडिया में आई खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि चीन ने रूस से मिले अपने S-400 म‍िसाइल डिफेंस स‍िस्‍टम को भी यहां पर तैनात कर दिया है।

ओपन सोर्स इंटेलिजेंस detresfa ने एक तस्‍वीर को जारी करके बताया कि भारत के हवाई ह;म’ले के ख’तरे को देखते हुए चीन भारत से लगी सीमा के हर कोने में अपनी मिसाइलों को तैनात कर रहा है। यही नहीं भारत से तनाव को देखते हुए अपने पुरानी मिसाइलों और प्रणाली को अपग्रेड करने में जुट गया है।

चीन ने 7 जगहों पर तैनात कीं SAM मिसाइलें

चीन ने लद्दाख से सटे अपने रुटोग काउंटी, नागरी कुंशा एयरपोर्ट, उत्‍तराखंड सीमा पर मानसरोवर झील, सिक्किम से सटे श‍िगेज एयरपोर्ट और गोरग्‍गर हवाई ठिकाने, अरुणाचल प्रदेश से सटे मैनलिंग और लहूंजे में सतह से हवा में मार करने वाली म‍िसाइलें तैनात की हैं। इन ठिकानों पर चार से पांच म‍िसाइल लॉन्‍चर तैनात हैं।

इसके अलावा उनकी मदद के लिए रेडॉर और जेनेटर भी दिखाई दे रहे हैं। कुछ तस्‍वीरों में नजर आ रहा है कि चीनी मिसाइलें भारत से होने वाले किसी हवाई हमले के खतरे को देखते हुए पूरे अलर्ट मोड में है।

सैनिक और मिसाइल प्रणाली तैनात

detresfa ने सैटलाइट तस्वीरें जारी की हैं जिनमें दिख रहा है कि लिपुलेख पास में ट्राई- जंक्शन एरिया में चीन ने न सिर्फ सैन्य तैनाती की है बल्कि मिसाइल के ठिकानों के निर्माणकार्य की तैयारी भी कर रहा है।

detresfa के मुताबिक, इस इलाके में 100 किमी की GEOINT स्कैनिंग से पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की ऐक्टिविटी का पता चला है। यहां सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के लिए साइट का निर्माण मानसरोवर झील के पास किया जा रहा है।

तैनात कर चुका है एक हजार सैनिक

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि चीनी सेना यहां सैन्य तैनाती कर रही है। यहां मई 2020 से इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिहायश के लिए तैयारी की जा रही है।

लिपुलेख इलाका भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं को मिलाने वाली जगह है जो पिछले दिनों से काफी चर्चा में है। पिछले दिनों जानकारी के मुताबिक, चीन ने लिपुलेख में अपनी सेना तैनात की है। उसने सैनिकों की एक बटालियन मतलब करीब 1 हजार से ज्यादा जवान लिपुलेख के पास तैनात कर दिए हैं।