भारतीय सेना की बढ़ी ताकत, ‘ध्रुवास्त्र’ का सफल परीक्षण… इसका हर एक पुर्जा मेड इन इंडिया

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Dhruvastra
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली। चीन और पाकिस्तान के सामने दोहरे मोर्चे पर घिरा भारत अपनी सेना को लगातार मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में भारत ने मेड इन इंडिया ‘ध्रुवास्त्र’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। सबसे खास बात यह है कि इस मिसाइल का हर एक पुर्जा भारत में बना है।

DRDO द्वारा डेवलप हेलिना मिसाइल सिस्टम का हिस्सा है। पूरी तरह मेड इन इंडिया यह मिसाइल 4 से 7 किलोमीटर दूर किसी भी लक्ष्य को भेद सकती है।

जारी किया गया वीडियो

ओडिशा के बालासोर में 15-16 जुलाई को ध्रुवास्त्र का टेस्ट हुआ, जिसके बाद अब इसे सेना को सौंप दिया जाएगा। इसका इस्तेमाल भारतीय सेना के ध्रुव हेलिकॉप्टर के साथ किया जाएगा। यानी अटैक हेलिकॉप्टर ध्रुव पर इसे तैनात किया जाएगा, ताकि वक्त आने पर दुश्मन को सबक सिखाया जा सके।

हालांकि, अभी जो टेस्ट किया गया है वो बिना हेलिकॉप्टर के किया गया है। पहले इस मिसाइल का नाम नाग था, जिसे अब बदलकर ध्रुवास्त्र किया गया है।

4 से 7 किलोमीटर दूर बना सकती है निशाना

ध्रुवास्त्र स्वदेशी है और इसकी क्षमता 4 किमी. से 7 किमी तक है, ये किसी भी टैंक को खत्म कर सकती है। ध्रुव हेलिकॉप्टर भी पूरी तरह से स्वदेशी हेलिकॉप्टर है। ऐसे में DRDO और सेना के लिए इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि अब किसी दूसरे देश पर ऐसी मिसाइलों के लिए निर्भरता नहीं रहेगी।

दागो और भूल जाओ तकनीक पर काम करता है ध्रुवास्त्र

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, ध्रुवास्त्र एक तीसरी पीढ़ी की ‘दागो और भूल जाओ’ टैंक रोधी मिसाइल (ATGM) प्रणाली है, जिसे आधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर पर स्थापित किया गया है।

यह प्रणाली, सभी मौसम में दिन और रात के समय सक्षम है तथा पारंपरिक कवच के साथ ही साथ विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच के साथ युद्धक टैंकों को नष्ट कर सकती है।