अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने की राम रहीम को रिहा करने की अपील, गृह मंत्री अमित शाह को भेजी चिट्ठी

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Gurmeet Ram Rahim
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली। रोहतक की सुनारिया जेल में कई गंभीर आरोपों की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रिहा करने के लिए अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी भेजी है। इस चिट्ठी में हिंदू महासभा ने साजिश के तहत एक संत को बदनाम करने की बात कही है।

बता दें कि पिछले 3 साल से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। साध्वी यौ;न शो;ष’ण के दो अलग-अलग मामलों में राम रहीम को 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी।

हिंदू महासभा ने गृहमंत्री को लिखी चिट्ठी

हिंदू महासभा की ओर से गृहमंत्री को भेजे गए पत्र में लिखा गया है, ‘भारत प्राचीन काल से एक ऋषि एवं कृषि प्रधान देश रहा है, लेकिन ये दुर्भाग्य है कि देश की आजादी के बाद हिन्दू संतों का एक अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत कानून की आड़ में परेशान किया गया। टीवी और फिल्मों के जरिए भी संत परंपरा एवं आश्रम को बदनाम करने का असफल प्रयास किया जाता रहा है। इसके बावजूद संत समाज इस देश की सेवा और विश्व कल्याण की भावना से मानवतावादी कार्य को आगे बढ़ाता रहा है।

पत्र में आगे लिखा है, ‘डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह ने अनेक जन कल्याणकारी कार्य किए हैं जो सराहनीय हैं। इस कोरोना काल में भी गुरमीत राम रहीम सिंह की प्रेरणा से इनके लाखों शिष्यों ने गरीब जरूरतमंदों को भोजन, कपड़ा, मकान, शिक्षा, चिकित्सा एवं हर प्रकार से जन कल्याण कार्य किया है।

मानवता से ऊपर उठ कर की सेवा

चिट्ठी में आगे कहा गया, ‘गुरमीत राम रहीम सिंह द्वारा जाति, क्षेत्र, लिंग भेद आदि से ऊपर उठकर जो मानवता की सेवा की गई है। यह हरियाणा ही नहीं बल्कि देश के लिए गौरवान्वित करने वाला है।’

महासभा ने पत्र में लिखा कि कोरोना काल के दृष्टिगत विश्व के अनेक देशों जैसे अमेरिका, ईरान आदि जेलों में बंद लोगों को रिहा किया गया। भारत में भी सर्वोच्च न्यायालय ने जेलों में बंद लोगों की सुरक्षा को लेकर रिहाई एवं जमानत पर सकारात्मक टिप्पणी की है। अत: आपसे विनम्र निवेदन है कि गुरमीत राम रहीम सिंह को तत्काल ससम्मान रिहा किया जाए।

इसके लिए सरकार की तरफ से ठोस कदम उठाया जाना देश व समाज के लिए अति आवश्यक है, ताकि कोरोना काल में पूज्य संत अपने शिष्यों व भक्तों के साथ देश व मानवता की सेवा को और गति दे सकें। हमें आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि इनकी रिहाई देश एवं समाज के लिए मंगलकारी होगी।