मजदूरों की घरवापसी पर हाई कोर्ट ने योगी सरकार को सराहा, बस पॉलिटिक्स पर प्रियंका को दी नसीहत

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    New Delhi: कोरोना संक्रमण के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से लौट रहे मजदूरों की घर वापसी के लिए हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और उनकी सरकार की पीठ थपथपाई है।

    कोर्ट ने प्रयासों के लिए राज्य सरकार (Yogi Govt) की तारीफ की है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की ‘बस पॉलिटिक्स’ पर प्रियंका गांधी को नसीहत भी दी है।

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार की सराहना की

    इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने मजदूरों की घर वापसी के लिए किए प्रयासों पर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार की सराहना की है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रमिकों को लाने के लिए जो प्रयास किए, वह उत्साहजनक थे। जस्टिस राजेश सिंह चौहान की एकलपीठ ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है।

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    ‘अपने हितों के लिए काम न करें लोग’

    कोर्ट ने प्रियंका गांधी और कांग्रेस को अप्रत्यक्ष तौर पर नसीहत देते हुए कहा, ‘जब सभी लोग Covid-19 महामारी से जूझ रहे हों, तो किसी को भी अपने हितों के तहत कार्य नहीं करना चाहिए, फिर चाहे वे राजनीतिक दल ही क्यों ना हों।’ बता दें कि कांग्रेस ने मजदूरों को लाने के लिए एक हजार बसों की सूची दी थी, जिसमें से कई बसों के नंबर फर्जी निकले थे। पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और संदीप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू बुधवार को जेल से बाहर आए हैं। 29 दिनों के बाद जेल से बाहर आने पर गुरुवार को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यूपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें जेल में यातनाएं दी गईं। कष्ट दिए गए और एक सामान्य कैदी की तरह उनके साथ व्यवहार किया गया। उन्हें उनके वकील तक से नहीं मिलने दिया गया।