तुम्हें कौन बचाने आएगा जब योगी मठ जाएँगे… फिर भी ओवैसी आजाद, लेकिन ‘धर्मसंसद’ के भाषण पर FIR

नई दिल्ली: हरिद्वार की धर्मसंसद के वायरल वीडियो के बाद उत्तराखंड पुलिस ने जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व नाम वसीम रिज़वी) के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। यह वीडियो हरिद्वार की धर्मसंसद का बताया जा रहा है।

बता दें कि धर्मसंसद का आयोजन जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती ने 17 से 19 दिसम्बर के बीच आयोजित करवाया था।

यह कार्रवाई कहा जा रहा है वीडियो देखकर भड़के वामपंथी और लिबरल्स समूहों के आक्रोश के कारण हुआ है। सोशल मीडिया सहित कई जगहों पर इन समूहों ने दावा किया है कि जितेंद्र नारायण त्यागी के इन बयानों में मुस्लिमों के नरसंहार की बात कही गई है। वहीं उत्तराखंड पुलिस ने भी जितेंद्र नारायण के बयानों को आपत्तिजनक माना है।

उत्तराखंड पुलिस के DGP IPS अशोक कुमार के मुताबिक, “पुलिस को शिकायत मिली थी। इस शिकायत के आधार पर सेक्शन 153 A के तहत केस दर्ज किया गया है।” FIR के बाद उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा, “हरिद्वार की धर्मसंसद में जो कुछ भी हुआ वो गलत था। पुलिस को इस मामले में आरोपित सभी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

इसी के साथ AIMIM पार्टी उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष नय्यर काज़मी ने शिकायत दर्ज करवाई है। इस शिकायत को असदुद्दीन ओवैसी ने शेयर करते हुए लिखा है कि अगर कार्यक्रम में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो उनकी पार्टी प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगी।

धर्म संसद में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की माँग करने वाले असदुद्दीन का एक अन्य वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ओवैसी हिन्दुओं और पुलिस को सीधे तौर पर धमकी देते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि ओवैसी के इसी वीडियो के बचाव में वामपंथी और कट्टरपंथी हिन्दुओं को धर्म संसद के वीडियो के बहाने निशाना बना रहे हैं।

वायरल वीडियो में ओवैसी को कहते सुना जा सकता है, “मैं पुलिस वालों को बता देना चाहता हूँ कि वो याद रखें कि न तो योगी हमेशा मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और न ही मोदी हमेशा प्रधानमंत्री। हम मुस्लिम समय को देख कर चुप हैं। पर ध्यान रहे कि हम कुछ भूलने वाले नहीं हैं। हमें तुम्हारा अन्याय याद रहेगा। अल्लाह अपनी ताकत से तुम्हे बर्बाद करेगा। इंशाल्लाह हम याद रखेंगे और समय भी बदलेगा। तब तुम्हे बचाने कौन आएगा जब योगी अपने मठ और मोदी हिमालय में चले जाएँगे? याद रहे, हम नहीं भूलने वाले।”

ओवैसी का यह आपत्तिजनक बयान 12 दिसंबर को कानपुर की एक सभा में दिया गया बताया जा रहा है। इस बयान पर अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। माना जा रहा है कि अपने इसी बयान को छिपाने के लिए ओवैसी खुद शिकायतकर्ता बन कर विक्टिम कार्ड खेल रहे हैं।