पहले से अधिक खर्च कर पाएंगे प्रत्याशी, लोकसभा-विधानसभा चुनाव में जानें अब क्या होगी लिमिट

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (UP Election 2022) समेत 5 राज्यों में जल्दी ही विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2022) की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। इसे लेकर राजनीतिक दल जोर-शोर से तैयारियों में लगे हैं।

चुनाव आयोग (Election Commission) ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद सभी दल समय पर चुनाव चाहते हैं। माना जा रहा है कि जल्दी ही चुनाव की घोषणा की जा सकती है। इससे पहले आयोग ने चुनावों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। ईसीआई ने विधानसभा क्षेत्रों और लोकसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों के खर्च की सीमा बढ़ा दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईसीआई ने गुरुवार को बताया कि विधानसभा और लोकसभा उम्मीदवारों की ओर से अपने चुनावी क्षेत्रों में खर्च की जाने वाली धनराशि को बढ़ा दिया गया है। नई खर्च सीमा आने वाले सभी चुनावों में लागू होगी। आयोग के मुताबिक, नई सीमा के तहत अब संसदीय क्षेत्रों में प्रत्याशी 95 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। इससे पहले वह 70 लाख रुपये खर्च कर सकते थे।

विधानसभा प्रत्याशियों के लिए नई सीमा

विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार के लिए प्रत्याशियों की खर्च सीमा भी बढ़ाई गई है। नई सीमा के तहत अब प्रत्याशी अपने क्षेत्रों में 40 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। पहले यह खर्च सीमा 28 लाख रुपये होगी। नई खर्च सीमा इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी लागू होगी।

प्रत्याशी खर्च सीमा (पहले) खर्च सीमा (अब)

लोकसभा 70 लाख 95 लाख
विधानसभा 28 लाख 40 लाख

फरवरी से अप्रैल के बीच हो सकते हैं यूपी विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Election 2022) की 403 सीटें हैं। 18वीं विधानसभा के लिए चुनाव फरवरी से अप्रैल के बीच हो सकते हैं। 17वीं विधानसभा का कार्यकाल (UP Assembly ) 15 मई तक है।

17वीं विधानसभा के लिए 403 सीटों पर चुनाव 11 फरवरी से 8 मार्च 2017 तक 7 चरणों में हुए थे। इनमें लगभग 61 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 63 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं थीं, जबकि पुरुषों का प्रतिशत करीब 60 फीसदी रहा। चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटें जीतकर पहली बार यूपी विधानसभा (Uttar Pradesh Vidhansabha) में तीन चौथाई बहुमत हासिल किया।

वहीं, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की अगुवाई में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और कांग्रेस (Congress) गठबंधन 54 सीटें जीत सका। इसके अलावा प्रदेश में 4 बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती (Mayawati) की बीएसपी (Bahujan Samaj Party ) 19 सीटों पर सिमट गई। इस बार सीधा मुकाबला समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और भाजपा (Bhartiya Janata Party) के बीच है। भाजपा योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ रही है।

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