DRI का बड़ा खुलासा, इंदौर से हर महीने चीन भेजे जा रहे थे 100 करोड़ रुपए… ऐसे हुआ खुलासा

इंदौर। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (Directorate of Revenue Intelligence, DRI) ने इंदौर में अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट का भंडाफोड़ किया है। डीआरआई ने इस संबंध में शुक्रवार को शहर में तीन स्थानों पर छापेमारी की।

अनुमान है कि भुगतान के अवैध तरीके से हर महीने इंदौर एवं आसपास से तकरीबन 100 करोड़ रुपये चीन भेजे जा रहे थे। इसमें चीन और हांगकांग से सामानआयात करने वाले इन हवाला एजेंटों की मदद ली जा रही थी।

DRI ने मारा छापा

DRI की मुख्य टीम ने पहले एमजी रोड के मॉल के सामने एक व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में छापा मारा। साथ ही पीपल्याहाना और कुछ अन्य क्षेत्रों में जांच के लिए पहुंची। प्रारंभिक तौर पर कुछ हवाला एजेंटों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इस दौरान DRI ने हवाला ऑपरेटरों के ठिकाने से करीब एक करोड़ रुपये नकद के साथ कुछ विदेशी मुद्रा भी बरामद की है। अवैध रूप से विदेशी मुद्रा के विनिमय के बिंदु पर भी जांच की जा रही है।

देर रात तक जारी रही कार्रवाई

DRI ने कार्रवाई की पुष्टि की है। यहां से लिंक मिलने पर इंदौर के साथ रायपुर में भी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, हवाला से जुड़ी फर्मों और ऑपरेटरों के नाम अभी नहीं बताए गए हैं। पूछताछ और जांच की कार्रवाई शुक्रवार देर रात तक जारी थी। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार इंदौर में कई कारोबारी सीधे चीन और अन्य देशों से माल आयात कर रहे हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मशीनों, कपड़े, जूते और खिलौने प्रमुख रूप से शामिल हैं।

चीन में मौजूद बुकिंग एजेंटों के जरिए भारत में आयात होने वाली वस्तुओं का मूल्य असल मूल्य के बजाय बिल पर पांच या दस प्रतिशत ही दिखाया जाता है। इसके लिए कई बार वस्तुओं पर लगे लेबल भी बदले जाते हैं। बिल पर दिखाई गई राशि के अनुपात में आयातित वस्तुओं पर कम टैक्स और ड्यूटी चुकाई जाती है। सूत्र बताते हैं कि चीन के विक्रेता और एजेंट को बाकी पैसा हवाला से भेजा जाता है।