4 साल से दिल्ली पुलिस में कर रहा था कांस्टेबल की नौकरी,चर्च की देखभाल करने वाले का बेटा बना DSP

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(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. सच्ची लगन और मेहनत किसी भी इंसान को कामयाबी दिलाती है. अगर आप मेहनत करते हैं तो आपका सपना जल्द ही हकीकत बन जाता है. कुछ ऐसा ही हुआ है दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल केकडम लिंगों के साथ, जो अपनी मेहनत के दम पर अब डीएसपी बन चुके हैं. लिंगो की कामयाबी देख आज दिल्ली पुलिस के अफसर भी पीठ थपथपा रहे हैं.

अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले से ताल्लकु रखने वाले केकडेम लिंगो 24 साल की उम्र में दिल्ली पुलिस में भर्ती होने घर से निकले थे. उस वक्त उनके पिता इससे खुश नहीं थे. वर्ष 2015 में लिंगो को दिल्ली पुलिस में बतौर कांस्टेबल नियुक्ति मिल गई. लेकिन लिंगो का सपना एक अफसर बनकर पुलिस टीम का नेतृत्व करना था.

नौकरी के साथ की तैयारी

पुलिस जैसी व्यस्त नौकरी के साथ-साथ लिंगो ने पढ़ाई शुरू की. चार साल बाद यानि 2020 में लिंगो ने अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा पास कर ली. 28 साल की उम्र में केकडेम लिंगो अब अरुणाचल प्रदेश में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनने जा रहे हैं.

चर्च की देखभाल करते है पिता

लिंगो के पिता गांव के ही एक चर्च की देखभाल करते हैं, इसी से उनका घर चलता है. लिंगो बताते हैं कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस की परीक्षा में बैठने से पहले ईटानगर में राजीव गांधी विश्वविद्यालय से भूगोल में ग्रैजुएशन किया. वो बताते हैं कि पुलिस में शामिल होना हमेशा से मेरा सपना था. जब मुझे मौका मिला, तो मैंने इसे संभाला.

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वह कहते हैं, उस वक्त मेरे घर के हालात ऐसे थे कि नौकरी रैंक से ज्यादा जरूरी थी. अपने माता पिता की देखभाल के लिए सैलरी का एक बड़ा हिस्सा लिंगो अपने घर भेजते थे. इसी पैसे से उनके दो छोटे भाई और एक बहन की पढ़ाई का खर्च भी निकलता था.

बंद की फिजूल खर्ची

सैलरी के बाकी बचे पैसों से लिंगो किताबें खरीदते थे. वह बताते हैं कि एक साल तक मैंने हर तरह की फिजूल खर्ची बंद कर दी, ताकि मन लगाकर किताबे पढ़ सकूं और परीक्षा के लिए खर्च उठा सकूं. दिल्ली पुलिस में रहते हुए लिंगो कमांडो कोर्स भी सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं.

लिंगो बताते हैं कि उनकी पहली पोस्टिंग एक बटालियन के साथ हुई, जिसमें उनकी ड्यूटी सुरक्षा से जुड़ी थी. इस वजह से उन्हें पढ़ने के लिए कम टाइम मिल पाता था, लेकिन फिर भी वह समय निकाल कर फोन पर ही किताबें डाउनलोड कर पढ़ते थे.

दिल्ली पुलिस ने बहुत कुछ सिखाया

लिंगो के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखने को मिला. चाहे वह सख्त प्रशिक्षण व्यवस्था का पालन कर रहा हो या बड़ी घटनाओं में सुरक्षा प्रदान करनी हो. पिछले एक साल से लिंगो दिल्ली के गीता कालोनी थाने में तैनात थे.

लिंगो ने कहा, मैं 25 अन्य पुलिसकर्मियों के साथ बैरक में रहा. आप कितनी भी कोशिश कर लो, ध्यान लगा पाना मुश्किल है। लेकिन मेरे साथियो ने मेरा बहुत साथ दिया. इस महीने की शुरुआत में कोरोना के कारण देरी के बाद नतीजे घोषित किए गए थे. वह कहते हैं कि जब मैंने अपना स्कोर सुना तो मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ. मेरा सपना सच हो गया है.