चीनी वायरस कोरोना का भारत करेगा काम-तमाम! Fabiflu के बाद रामबाण Covifor वैक्सीन को मिली मंजूरी

नई दिल्‍ली. दुनिया के लिए काल बन चुके कोरोना वायरस को लेकर पिछले 48 घंटों में भारत ने इतिहास रच दिया है. पहले ग्लेनमार्क की Fabiflu, और अब ‘Covifor’ नाम से वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है. इसके साथ ही भारत पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने कोरोना की वैक्सीन और टैबलेट दोनों तैयार कर ली है.

भारत की एक और दवा कंपनी Hetero ने रविवार को कहा है कि कोविड-19 के लिए कंपनी द्वारा तैयार किए गए वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने मंजूरी दे दी है.

Covifor नाम से बिकेगी दवा

हैदराबाद बेस्ड Hetero फार्मा के अनुसार, कोरोना के इलाज के लिए इन्वेस्टिगेशनल एंटीवायरल ड्रग रेमडेसिवीर हम लांच करने जा रहे हैं. यह दवा भारत में ‘Covifor’ के नाम से बेची जाएगी.

साबित होगी रामबाण इलाज

कंपनी के मुताबिक, DGCI ने कोविड-19 के संदिग्‍ध और कन्‍फर्म मरीजों के इलाज में इस दवा के इस्‍तेमाल की मंजूरी दी है. गंभीर रूप से बीमार मरीजों को यह दवा दी जा सकेगी.

कंपनी ने कहा कि ‘भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए Covifor का अप्रूवल गेमचेंजर साबित हो सकता है, क्‍योंकि इसके क्लिनिकल आउटकम पॉजिटिव रहे हैं.’ Hetero का दावा है कि वह देशभर में मरीजों को फौरन यह दवा मुहैया कराने के लिए तैयार है.

100mg के इंजेक्‍शन में आएगी दवा

Covifor दवा 100mg के वायल (इंजेक्‍टेबल) में उपलब्‍ध होगी. इसे डॉक्‍टर या हेल्‍थकेयर वर्कर के सुपरविजन में नसों में लगाना होगा. कंपनी ने इस दवा के लिए अमेरिका की Gilead Sciences Inc से करार किया है, ताकि कोविड-19 के इलाज का दायरा बढ़ाया जा सके. Hetero ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन ने कहा कि कंपनी फिलहाल की जरूरत को पूरा करने के लिए जरूरी स्‍टॉक देने को तैयार है.

फेविपिराविर भी मार्केट में लॉन्‍च

दूसरी तरफ ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कोविड-19 के लिए फेविपिराविर को फैबिफ्लू के नाम से उतारा है. 34 टैबलेट की एक स्ट्रिप 3,500 रुपये में मिलेगी यानी एक टैबलेट करीब 103 रुपये की पड़ेगी.

हालांकि इस दवा को कोविड-19 के हल्‍के लक्षण वाले मरीजों के इलाज की मंजूरी दी गई है. यह टैबलेट मरीज की कोशिकाओं में घुसती है और वायरल लोड को कम करने के लिए वायरस को अपनी कॉपी बनाने से रोकती है. इस दवा को संक्रमण के शुरुआती स्‍टेज में इस्‍तेमाल करने पर अच्‍छे नतीजे मिले हैं.

भारत में 1.69 लाख से ज्‍यादा ऐक्टिव केस

देशभर में कोरोना वायरस मरीजों की संख्‍या 4 लाख से ज्‍यादा हो गई है. राहत की बात ये है कि रिकवर होने वाले मरीजों की संख्‍या ऐक्टिव केसेज से ज्‍यादा है. देश में इस वक्‍त 1,69,451 ऐक्टिव केस हैं जबकि 2.22 लाख से ज्‍यादा मरीज ठीक हो चुके हैं. कोविड-19 ने देशभर में अबतक 13,254 लोगों की जान ली है.