बड़ी खुशखबरी: भारत में लांच हुई कोरोना की सस्ती वैक्सीन ‘डेसरेम’, जड़ से खत्म होगा कोरोना

नई दिल्ली। अमेरिकी फार्मा कंपनी मायलन (Mylan Pharma) ने भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ‘डेसरेम’ (DESREM) नाम से रेमडेसिविर का जेनिरक वर्जन भारत में लांच कर दिया है। इस दवा का क्लीनिकल ट्रॉयल सफल रहा और सरकार से इसे मंजूरी मिल चुकी है।

फिलहाल इस दवा का इस्तेमाल कोरोना के संदिग्ध मरीजों और लैब से कंफर्म हुए कोरोना मरीजों को दिए जाने के लिए मंजूरी सरकार से मिली है।

दूसरी दवाओं से कम है कीमत

‘डेसरेम’ वैक्सीन 4800 रुपये की कीमत में भारतीय बाजार में उपलब्ध होगा। इसके साथ ही कंपनी ने एक कोविड-19 हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया है। जहां मरीज और हेल्थ वर्कर्स इस दवा की उपलब्धता समेत कई जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

देसी दवा भी मार्केट में उपलब्ध

इससे पहले हेटेरो की रेमडेसिविर 5400 रुपए और सिप्ला की रेमडेसिविर 4000 रुपए के भाव पर बाज़ार में आ चुकी है। कंपनी ने कहा कि इस दवा के बारे में हेल्थ वर्कर्स पूरी जानकारी 7829980066 हेल्पलाइन पर कॉल कर के प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही जान सकते हैं कि कितनी दवा की उपलब्धता है।

केंद्र ने दिया कंपनियों को हेल्पलाइन शुरू करने का निर्देश

केंद्र सरकार ने भी कंपनियों से कहा है कि वो लोगों की दिक्कतों को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर शुरु करें। जहां ज़रूरतमंद दवा की सप्लाई के बारे में पता कर सकें और अपनी ज़रूरत बता सकें। दरअसल, ये दवा कोराना के इलाज में कुछ हद तक कारगार हो रही है।

क्या बोले कंपनी के अध्यक्ष

पूरे देश में होगी सप्लाई- मायलन फार्मा के भारत में अध्यक्ष राकेश बजमई ने कहा कि रेमडेसिविर के वाणिज्यिक उत्पादन की अनुमति मिलने के बाद हमने दवा का जेनिरिक वर्जन तैयार किया है। दवा का पहला बैच आज रिलीज हो चुका है। दवा की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने कहा है कि वह इसकी सप्लाई पूरे देश में करना जारी रखेगी। कंपनी ने ये दवा अपनी बेंगलुरु की फैसिलिटी में बनाई है।

ये कंपनी भी कर रही कोरोना बनाने की तैयारी

भारतीय दवा निर्माता जुबिलेंट लाइफसाइसेंज भी एंटीवायरल दवा रेमडेसिवीर बनाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसे DCGI से कोविड-19 की दवा लॉन्‍च करने की अनुमति मिल चुकी है। इससे पहले अमेरिका के FDA ने इमरजेंसी यूज ऑर्थराइजेशन (EUA) के तहत गिलीड साइंसेज को कोरोना इलाज के लिए रेमडेसिवीर का इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी।