भ्र ष्टा’चारी अधिकारियों पर चला CM योगी का डंडा PWD के 7 अफसरों पर गिरी गाज

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Hathras Case: CM Yogi Adityanath ने गठित की तीन सदस्यीय SIT, फास्‍ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा PWD
(Image Courtesy: Google)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के 7 अधिशासी अभियंता को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है. जिन सात PWD अधिशासी अभियंता को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है, उनके खिलाफ सेवाकाल में विभिन्न गड़बड़ियों के आरोप थे. शासन की ओर से कहा गया कि जांच के नतीजों और कार्य संतोषजनक नहीं पाए पाए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है.

योगी सरकार की ओर से PWD के इन सात अधिकारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिये शासनादेश भी जारी कर दिए गए हैं.

इन PWD अधिकारियों पर गिरी गाज

जिन अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है, उनमें आजमगढ़ में तैनात अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार सोनवानी और मिर्जापुर में तैनात अधिशासी अभियंता देवपाल के साथ ही एटा में तैनात विपिन पचौरिया, श्रावस्ती में तैनात अधिशासी अभियंता पवन कुमार शामिल हैं.

इनके अलावा खीरी एनएच विंग के अधिशासी अभियंता गिरजेश कुमार, बलिया के राम केवल प्रसाद, सहारनपुर में तैनात अधिशासी अभियंता मदन कुमार संतोषी को भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है.

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PWD के इन सात अधिकारियों के खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. गौरतलब है कि सरकार किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को 50 साल की उम्र के बाद तीन माह का नोटिस या उसके बदले वेतन भत्ते देकर सेवानिवृत्त कर सकती है.