बड़ा खुलासा: PM Modi, राष्ट्रपति समेत 10 हजार लोगों की जासूसी कर रहा चीन, पूर्व सेनाध्यक्ष भी शामिल

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PM Modi
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. China Spying PM Modi. भारत-चीन के बीच चल रहा तनाव एक ओर थमता नहीं दिख रहा, वहीं चीन की हरकत से भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया परेशान है. सोमवार सुबह खुलासा हुआ कि चीन भारत के करीब दस हजार लोगों की जासूसी कर रहा है. इसमें देश के राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) तक शामिल हैं.

इसके कुछ ही घंटों बाद ऐसा ही खुलासा ब्रिटेन में भी हुआ है, जहां एक चीनी कंपनी ने ब्रिटेन के 40 हजार लोगों की जासूसी की है.

राष्ट्रपति से लेकर बॉलीवुड स्टार भी शामिल

सोमवार सुबह एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में ये चौंकाने वाला दावा किया है. रिपोर्ट में कहा गया कि चीन की एक कंपनी ने प्रधानमंत्री (PM Modi), राष्ट्रपति, कैबिनेट मंत्री, दर्जनों मुख्यमंत्री, पूर्व सेनाध्यक्ष, जज, बॉलीवुड स्टार और खिलाड़ियों समेत दस हजार लोगों की जासूसी की है.

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इस खुलासे के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और लोकसभा में भी इस मसले को उठाया गया. चीनी कंपनी की ओर से इन हस्तियों का डिजिटल डाटा तैयार किया गया है, जिसे चीनी सेना PLA के साथ साझा किया गया. भारत सरकार पहले ही कई चीनी कंपनियों और मोबाइल ऐप पर बैन लगा चुकी है, जिनपर इस तरह का डाटा कलेक्ट करने का शक था. उसके बावजूद बड़ी संख्या में चीनी साजिश का खुलासा हो रहा है.

ब्रिटिश में भी हुआ ऐसा ही खुलासा

ब्रिटिश अखबार द टेलिग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि एक चीनी कंपनी ने करीब ब्रिटेन के 40 हजार लोगों का डाटाबेस तैयार किया है, जिसका इस्तेमाल चीनी सरकार अपनी इंटेलिजेंस सर्विस के लिए कर रही हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, इस कंपनी ने ब्रिटेन के बड़े राजनेताओं, बिजनेसमैन, अभिनेताओं का डाटा तैयार किया गया है. चीनी सर्वर में इन सभी लोगों का एक फोल्डर तैयार किया गया है, जिसमें इन सभी की जानकारियां सिमटी हुई हैं.

टेलिग्राफ के दावे के अनुसार, चीनी कंपनी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और उनकी कैबिनेट, शाही परिवार, सेना के अफसर, बिजनेसमैन और कई अपराधियों का डाटाबेस तैयार किया हुआ है. लिस्ट में कई और नाम हैं, लेकिन अभी तक ये खुलासा नहीं हो पाया है कि चीन ने इनका डेटा कैसे कलेक्ट किया और कब से कर रहा है. इस खुलासे पर ब्रिटिश सांसद जस्टिन वेल्बी, एफराइम मिरविस ने सरकार से सवाल पूछा है और कहा है कि लगता है पूरा ब्रिटेन चीन की नज़रों में हैं.