China Cyber warfare: भारत समेत कई देशों को ‘अंधा-बहरा’ बनाना चाहता है चीन, ऐसे रच रहा अपने नापाक मंसूबे

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China Cyber warfare: भारत समेत कई देशों को 'अंधा-बहरा' बनाना चाहता है चीन, ऐसे रच रहा अपने नापाक मंसूबे
(Image Courtesy: Google)

China Cyber warfare: भारत-चीन सीमा विवाद के बीच ड्रैगन के नापाक मंसूबों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. चीन ने 2007 से लेकर 2018 के बीच भारत समेत कई देशों पर साइबर अ टैक किए हैं. इसमें उसने Indian satellite communication को भी निशाना बनाया है.

चीन की पोल (China Cyber warfare) खोलते हुए अमेरिकी के चीन एयरोस्पेस स्टडीज इंस्टीट्यूट (CASI) की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. चीन ने भारतीय सैटेलाइट पर यह हम ला 2017 में किया था.

ISRO की वजह से बचे देश के आंख और कान

इसरो (ISRO) ने यह सुनिश्चित किया कि इन साइबर हमलों से इनके सिस्‍टम पर असर न आए. रिपोर्ट में कहा गया है कि चाइना के पास जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट (GEO) से स्‍पेस सिस्‍टम्‍स को खत रे में डालने वाली कई काउंटर-स्पेस टेक्नोलॉजी हैं. भारत ने 2019 में अपनी एंटी-सैटेलाइट मिसाइल टेक्‍नॉलॉजी की क्षमताओं का प्रदर्शन कर दिखा दिया था कि देश, दुश्मन उपग्रहों को ‘मा र’ गिराने में सक्षम है.

कई देशों के सैटेलाइट सिस्‍टम पर चीन की नजर

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि चाइना की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अपने ‘दुश्मन को अंधा और बहरा कर देने वाली’ (China Cyber warfare) टेक्‍नॉलॉजी को डेवलप करने का काम जारी रखा है. इसमें यहां तक कहा गया है कि चीन के पास ग्राउंड स्‍टेशन से ही ऐसे साइबर अटैक करने की क्षमता है, जिसके जरिए वह स्पेसक्राफ्ट समेत सैटेलाइट्स को कंट्रोल या हाइ जै क कर सकता है.

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यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत और चाइना के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गतिरोध जारी है. एएनआई ने रक्षा सूत्रों के हवाले से कहा कि भारतीय सुरक्षा अधिकारियों को LAC पर चीनी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए 4 से 6 ‘समर्पित उपग्रहों’ की जरूरत है. कथित तौर पर उन्‍हें ‘हाई-रिजॉल्यूशन वाले सेंसर्स और कैमरों’ की जरूरत है.