चीन को भारी पड़ा भारत से पंगा, तनाव के बाद बंदरगाहों पर चीनी सामानों की कड़ी जांच

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    नई दिल्ली. चीन के नाम ही अब उस पर भारी पड़ने लगा है. भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव का असर अब ड्रैगन के कारोबार पर पड़ने लगा है. भारत ने चीन को सबक सिखाने के लिए उसे आर्थिक से सामरिक मोर्चे दोनों पर घेर रहा है.

    चीन से आने वाले सामानों (Consignments from China) की इन दिनों बंदरगाहो से लेकर एयरपोर्ट पर कस्टम के अधिकारी कड़ी जांच-परख कर रहे हैं. हालांकि इस बाबत सरकार से कोई लिखित या मौखिक आदेश नहीं है.

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    वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि कोई खुफिया इनपुट के बाद सामानों की जांच की जा रही होगी. बता दें कि लद्दाख में भारत और चीन के बीच एक महीने से ज्यादा वक्त से तनाव चल रहा है और वहां दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं.

    ई-कॉमर्स कंपनियों को दिखाना होगा देश का नाम

    उद्योग एवं आतंरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग (डीपीआईआईटी) ने बुधवार को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई- वाणिज्य प्लैटफॉर्म उपलब्ध कराने वाली कंपनियों से उनके प्लैटफॉर्म पर बिकने वाले प्रत्येक उत्पाद पर ‘उनके उद्गम देश’ का नाम अंकित किए जाने के बारे में उनके विचार मांगे हैं.

    सूत्रों ने बताया कि ई- वाणिज्य कंपनियों ने कहा है कि इस प्रकार की सूचना को उत्पादों पर दर्शाने का काम हो सकता है, लेकिन इसे अमल में लाने के लिए उन्हें कुछ समय देना होगा.

    डीपीआईआईटी द्वारा बुलाई गई बैठक में इस बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई. ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नेपडील, टाटा क्लिक, पेटीएम, उड़ान और पेप्परफ्राई ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में भाग लिया. यह बैठक ऐसे समय हुई है जब लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव बना हुआ है और देश में चीन में बने सामान के बहिष्कार को लेकर आह्वान किया जा रहा है.

    चीन से आ रहे माल की हो रही कड़ी जांच

    कस्टम अधिकारियों की सख्ती के कारण चीन के इलेक्ट्रॉनिक्स लेकर फार्मा के सामान (Consignments from China) पर बंदरगाह और एयरपोर्ट पर बड़ी मात्रा में पड़े हुए हैं. पूरे देश में कस्टम अधिकारी चीन से आने वाले सभी शिपमेंट की कड़ी जांच कर रहे हैं. सूत्रों ने अखबार TOI को बताया कि हालांकि एक्साइज विभाग को इस बात के लिए आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है लेकिन अधिकारी काफी सख्ती बरत रहे हैं.

    चीनी सामानों को रोका जा रहा है

    सूत्रों ने बताया कि बंदरगाह और एयरपोर्ट पर चीनी सामानों का बैकलॉग बढ़ता जा रहा है. यहां तक कि फेडेक्स और डीएचल जैसी सामान ढोने वाली कंपनियां बुधवार से नए ऑर्डर नहीं ले रही हैं. देश के सबसे बड़े बंदरगाह और मुंबई के दक्षिण में स्थित न्हावा शेवा में भी चीनी सामानों को रोके जाने की खबरें हैं.

    खुफिया इनपुट के बाद हो रही जांच!

    दिल्ली में एक टैक्स अधिकारी बताया, ‘कस्टम या सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस ऐंड कस्टम ( CBIC) से कोई चीन से आने वाले सामान को को रोकने या उसे स्वीकार नहीं करने का का कोई लिखित या मौखिक आदेश नहीं आया है. अगर कुछ मामलों में कुछ कंटेनर को रोका गया है तो कुछ खुफिया जानकारी होगी और खतरे को कम करने रूटीन अभ्यास के तौर पर यह किया जा रहा होगा.’

    चेन्नै स्थित एक कंपनी ने बताया कि गैरकानूनी नारकोटिक्स आने की खुफिया खबर कुछ दिन पहले मिली थी. अधिकारी अब इंपोर्टर का सख्ती से कागजात जांच रहे हैं. लेकिन यह कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है.

    फार्मा सेक्टर के कंटेनर को दी जा रही इजाजत

    इस बीच, चेन्नै में काफी जांच परख के बाद बुधवार को फार्मा के कुछ शिपमेंट को क्लियर किया गया है. जबकि अन्य सामानों के बड़े कंटेनर को अभी क्लियर नहीं किया गया है.

    फार्मास्युटिकिल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन दिनेश दुआ ने बताया कि ने फार्मा सेक्टर के लिए बुधवार का दिन थोड़ा बेहतर रहा और कुछ कार्गो को जांच के बाद क्लियर किया गया. वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से बात करने के बाद इसकी इजाजत दी गई.