चीन पर फूटा लोगों का गुस्सा, लोगों ने जलाया चीनी सामान.. बिक्री भी 20 प्रतिशत तक घटी

0
226
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली। एलएसी पर जारी तनाव के बीच देशभर में लोगों के अंदर चीन के प्रति खासा रोष देखने को मिल रहा है. दुनिया भर को कोरोना महामारी देने वाले चीन की ताजा हरकत के बाद भारत में विरोध तेज हो गया है. इसका नजारा गुरुवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देखने को मिला.

यहां लोगों ने चीन में बने सामान को जलाया और स्वदेशी सामान अपनाने का प्रण लिया. यह नजारा भोपाल की कई जगहों पर देखने को मिल रहा है.

चीन से बना सामान खरीदने में कतरा रहे लोग

न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन द्वारा बनाई चीजों को खरीदने में अब लोग कतरा रहे हैं. चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का असर बिजनेस पर भी पड़ने लगा है. लॉकडाउन के पहले भोपाल के बाजारों में 45 फीसद वस्तुएं चीन की बिक रही थे, लेकिन अब लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक इनकी बिक्री घट चुकी है. बड़े कारोबारियों ने भी चीन से नया सामान मंगवाने से मना कर दिया है. अब उद्योगपति चीन से आने वाले उपकरणों को भारत में बनाने के लिए सरकार से मदद मांग रहे हैं.

20 करोड़ रुपये की होती थी बिक्री

रिपोर्ट के अनुसार, केवल भोपाल में ही 20 करोड़ रुपये के चाइनीज प्रोडक्टस का रोजाना कारोबार भोपाल में होता था. भोपाल वासियों के रोष के कारण अब 7 करोड़ पर चाइना का कारोबार सिमट गया है. मार्केट में बिकने वाले 80 फीसदी बच्चों के खिलौने चाइना से आते थे जो अब मार्केट में 20 फीसदी ही मिल रहे हैं.

ये भी पढ़ें : खुफिया एजेंसियों ने सरकार को जारी किया अलर्ट, कहा-भारत में तुरंत बैन करें TikTok समेत 52 चीनी एप्स

ये 20 फीसदी भी पुराना रखा स्टॉक है. चाइनीज मोबाइल का कारोबार राजधानी में 60 प्रतिशत तक होता था जो अब ढ़ीला पड़ता जा रहा है. दवाइयों को बनाने के लिए भोपाल में 30 प्रतिशत कच्चा माल सप्लाई किया जाता था जो अब मेड इन चाइना की जगह मेड इन इंडिया लोगों की डिमांड बन गया है.

चीन के खिलाफ दिख रहा गुस्सा

चीन में बना सामान लोगों की पसंद इसलिए बनते जा रहे थे, क्योंकि चीन सस्ते रेट पर प्रोडक्ट्स एवलेबल करा देता है. लेकिन अब चाइना की करतूतें लोगों को परेशान करने लगी हैं. इससे लोगों ने अब ये निर्णय लिया है कि चाइना मेड प्रोडक्ट्स का बहिष्कार कर अपने गुस्से को जाहिर किया जाए. लोग अब स्वदेशी चीजों को पसंद कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें : देखता रह गया चीन और पाक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में निर्विरोध जीता भारत.. PM मोदी ने जताया आभार

स्थानीय लोगों का कहना है की जब देश में सस्ती वस्तुएं और जरूरत के उपकरण बनने लगेंगे तो भारत पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाएगा. लोगों का चीन के प्रति रिएक्शन देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने काम शुरू भी कर दिया है. भोपाल वासियों की माने तो अगर सरकार खुद के देश में प्रोडक्टस एवलेबल करा दे तो लोग चाइनीज आइटम को देखने से भी परहेज करते रहेंगे.