पीएम मोदी के ‘रेड अलर्ट’ को BJP ने लपका, लाल टोपी की उड़ाई धज्जियां

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (UP Election 2022) में मार्च 2018 में तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव कराए गए थे। इस उपचुनाव से ठीक पहले प्रदेश के नवनिर्वाचित सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा था कि प्रदेश में लाल टोपी अस्त होने वाली है।

इसके बाद जो चुनाव के नतीजे आए, उसने बीजेपी को बड़ा झटका दिया। सपा ने जहां तीन में से दो सीटें जीत लीं, वहीं योगी का गढ़ मानी जाने वाली गोरखपुर सीट पर भी भगवा पार्टी चुनाव हार गई।

इसके बाद से अब एक बार फिर बीजेपी सपा की लाल टोपी पर निशाना बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो सपा की लाल टोपी को उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट बता दिया। अब बीजेपी ने पीएम के इस चुनावी जुमले को लपक लिया है। बीजेपी के नेता लाल टोपी पर जमकर हमले कर रहे हैं। मोदी और योगी के बाद अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यूपी के लोगों को लाल टोपी वालों से सावधान हो जाना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने बोला हमला

धर्मेंद्र प्रधान उत्तर प्रदेश में बीजेपी के चुनाव प्रभारी भी हैं। उन्होंने कहा कि ताल ठोकना, गुंडागर्दी, आतंक ही रेड अलर्ट वालों की पहचान है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, ‘सही कह रहे हैं अखिलेश जी, ताल ठोंकना, गुंडागर्दी और आतंक ही रेड अलर्ट वालों की पहचान बन गई है। भाजपा नेतृत्व तो विनम्रता से जन विश्वास प्राप्त करने के लिए यात्रा पर निकला है। योगी जी के राज में ताल ठोंक कर रेड अलर्ट करने वाले असामाजिक तत्व पीठ दिखा कर ही भाग रहे हैं।’

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के करीबी इत्र कारोबारियों पर हो रही छापेमारी को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि मुझे लगता है कि रेड अलर्ट वालों को इत्र की दुर्गंध ने ऐसा शर्मसार किया है कि उन्हें चेहरा दिखाने में भी शर्म आ रही है। इतना ही नहीं, उन्होंने लाल टोपी से यूपी की जनता को सावधान भी किया है। प्रधान ने एक पोस्टर शेयर किया है, जिस पर लिखा है,

गुंडे माफिया है तुम्हारी पहचान टोपी लाल
जनता को तुमने किया था बदहाल
जनता करेगी लाल टोपी का बुरा हाल

लाल टोपी वालों से सावधान

मोदी ने बताया था रेड अलर्ट

इससे पहले गोरखपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा, ‘लाल टोपी वाले यूपी के लिए खतरे की घंटी हैं। लाल टोपी का मतलब रेड अलर्ट। इन लोगों को सिर्फ लालबत्ती से मतलब है ताकि सत्ता में आने के बाद आतंकियों की मदद कर सकें, उन्हें जेल से छुड़ा सकें, घोटाला कर अपनी तिजोरियां भर सकें, जमीनों पर कब्जा हो जाए और माफिया को लूट की खुली छूट मिल सके।’

हालांकि, ऐसा नहीं है कि सपा की लाल टोपी पर सिर्फ चुनाव के समय राजनीति हो रही हो। समाजवादियों की पहचान बन चुकी लाल टोपी पर एक बार यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी तंज कसा था। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के सिर पर लाल टोपी देखकर तंज भरे लहजे में कहा कि लाल टोपी-नीली टोपी से कोई विधायिका को ड्रामा कंपनी न मान ले। योगी ने आगे कहा कि ये क्या परिपाटी बन गई है? पता नहीं ये लोग घर पर भी टोपी पहनकर आते हैं या नहीं।

सपा ने भी किया पलटवार

अब यूपी के विधानसभा में मुख्य मुकाबला सपा और भाजपा के बीच ही होने की उम्मीद है। ऐसे में बीजेपी एसपी पर जमकर हमलावर है। पीएम के रेड अलर्ट वाले बयान के बाद से बीजेपी नेताओं ने सपा की लाल टोपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालांकि, अखिलेश यादव ने भी इस पर पलटवार किया। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि लाल का इंकलाब होगा। बाइस में बदलाव होगा। इतना ही नहीं, मैनपुरी की एक सभा में अखिलेश ने बिना किसी का नाम लेते हुए कहा कि सांड भी लाल रंग से घबराता है।

वहीं, सपा भी अब लाल टोपी को अपने चुनावी कैंपेन का प्रमुख हथियार बनाने जा रही है। सपा की ओर से ऐसे कई पोस्टर लगाए हैं, जिसमें लाल टोपी को काफी महिमामंडित किया गया है। ऐसी ही एक होर्डिंग में लाल टोपी लगाए अखिलेश की फोटो के साथ लिखा है, ‘नया साल, ठोको ताल। पहचान अपनी फोटो लाल। लाल टोपी वाले, असली यूपी वाले।’ माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सपा के इसी कैंपेन पर निशाना साधा है।