600 करोड़ के घोटाले में BJP सांसद पर FIR, सफाई देने भोपाल पहुंचे, कैमरा देख ऑफिस से भागे

नई दिल्ली: रतलाम से बीजेपी सांसद (BJP MP) गुमान सिंह डामोर (Guman Singh Damor) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोर्ट के आदेश पर बीजेपी सांसद के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। इसके बाद सांसद की बेचैनी बढ़ गई है।

सांसद ने (BJP MP Guman Singh Damor) पूरे मसले पर चुप्पी साध रखी है। बचाव में सफाई देने के भोपाल स्थित पार्टी ऑफिस पहुंचे थे। बीजेपी ऑफिस में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद थे। इसके साथ ही संगठन महामंत्री सुहास भगत भी मौजूद थे।

मगर डामोर (BJP MP Guman Singh Damor) को बहुत ज्यादा भाव नहीं मिला है। दो मिनट के अंदर ही डामोर बीजेपी ऑफिस से निकल गए। बाहर में मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। घोटाले के आरोपों पर उनसे सवाल किया गया। मगर वह भागते रहे।

उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया। इस दौरान मीडियाकर्मी उनके पीछे-पीछे दौड़ते रहे लेकिन डामोर मौके से भागते रहे। उन्होंने आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है। इसके साथ ही बीजेपी आलाकमान ने भी चुप्पी साध रखी है।

क्या है मामला

गुमान सिंह डामोर जब इंदौर में कार्यपालन यंत्री फ्लोरोसिस नियंत्रण परियोजना के रूप में पदस्थ थे, तब ये घोटोले हुए हैं। डामोर पर आरोप है कि अलीराजपुर और झाबुआ क्षेत्र में फ्लोरोसिस नियंत्रण और पाइप सप्लाई मटरियल खरीदी और अन्य कई योजनाओं के करोड़ों रुपए के बिल स्वयं ही पास कर दिए थे। यह भी आरोप है कि आदिवासी क्षेत्र में कोई फ्लोरोसिस नियंत्रण का काम नहीं किया। इस दौरान उन इलाकों में हैंडपंप भी नहीं लगवाए गएं।

FIR हुआ दर्ज

कोर्ट के निर्देश पर इन लोगों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है। इसमें झाबुआ-रतलाम सांसद गुमान सिंह डामोर, अलीराजपुर के तत्कालीन कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा, पीएचई के कार्यपालन यंत्री डीएल सूर्यवंशी, सुधीरकुमार सक्सेना और अन्य अधिकारियों के विरुद्ध न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अलीराजपुर अमित जैन ने भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए, सभी के विरुद्ध सूचना पत्र जारी कर दिए हैं।

वहीं, याचिकाकर्ता धर्मेंद्र शुक्ला ने आरोपियों के विरुद्ध करीब छह सौ करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने संबंधी समस्त दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। इसे लेकर याचिकार्ता ने साल 2015 और 2017 में याचिकाएं लगाई थी। अब इस मामले में 17 जनवरी 2022 को सुनवाई होगी। साथ ही आरोपियों को उस दिन कोर्ट में उपस्थित भी रहना है।