Babri Case पर फैसले से पहले Uma Bharti ने भरी हुंकार, कहा-मुझे जेल जाना मंजूर पर नहीं लूंगी जमानत

0
190
Babri Case पर फैसले से पहले Uma Bharti ने भरी हुंकार, कहा-मुझे जेल जाना मंजूर पर नहीं लूंगी जमानत
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्लीः अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. हालांकि बाबरी केस (Babri Case) में फैसला आना अभी बाकी है. फैसले से पहले उमा (Uma Bharti) ने एक बार फिर हुंकार भरी है. बता दें कि बाबरी मामले (Babari Case) में सुनवाई कर रही सीबीआई की एक विशेष अदालत कल यानी 30 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी. सीबीआई के विशेष जज एस के यादव ने सभी आरोपियों को फैसले के दिन अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं.

बाबरी केस (Babri Case) के 32 आरोपियों में पूर्व उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, विनय कटियार और उमा भारती मुख्य रूप से शामिल हैं. बाबरी केस (Babri Case) पर फैसला आने से पहले ही उमा भारती कोरोना से संक्रमित हो गई हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

उमा भारती ने लिखा नड्डा का पत्र

इस बीच बाबरी केस (Babri Case) पर कोर्ट का फैसला आने से पहले उमा भारती (Uma Bharti) ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा कि वे इस मामले में जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन जमानत नहीं लेंगी.

उमा भारती (Uma Bharti) ने नड्डा को लिखे पत्र में कहा, ’30 सितंबर को लखनऊ की सीबीआई की विशेष अदालत में फैसला सुनने के लिए मुझे पेश होना है. मैं कानून को वेद, अदालत को मंदिर एवं जज को भगवान का रूप मानती हूं. इसलिए अदालत का हर फैसला मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद होगा.’

अयोध्या आंदोलन की भागीदारी पर गर्व

उमा भारती (Uma Bharti) ने कहा, ‘मुझे अयोध्या आंदोलन में भागीदारी पर गर्व है. मैंने तो हमेशा कहा है कि अयोध्या के लिए तो फां सी भी मंजूर है. मैं नहीं जानती फैसला क्या होगा, लेकिन मैं अयोध्या पर जमानत नहीं लूंगी. जमानत लेने से आंदोलन में भागीदारी की गरिमा कलंकित होगी. ऐसे हालातों में आप मुझे नई टीम में रख पाते हैं कि नहीं इसपर विचार कर लीजिए.

Uma Bharti ने कहा, यह गर्व, आनंद और आश्चर्यपूर्ण विसंगति का विषय है कि जिस अयोध्या मामले में 2017 में CBI ने मुझे साजि शकर्ता होने पर शक जताया, उसी का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने 5 अगस्त 2020 को किया. माननीय अदालत इस पर जो फैसला देगी वह मेरे सिर माथे होगा.

पार्टी और हिंदुत्व के लिए हमेशा आगे रही : Uma Bharti

उमा भारती (Uma Bharti) ने आगे लिखा, ‘मुझे आप 30 साल से जानते हैं. विचार-निष्ठा और परिश्रम ही मेरी राजनीति के आधार हैं. मैं राम मंदिर के लिए भी लड़ी और राम राज्य के लिए भी लड़ी. मैंने हिंदुत्व को सर्व समावेशी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इसलिए दलित, आदिवासी, सभी वर्गों के गरीब और विशेषकर पिछड़ा वर्ग बीजेपी से जुड़ जाए और जुड़े रहे इसमें मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी.’

ये भी पढ़ें : Corona test के नाम पर दर-दर भटकती रही महिला, अस्पताल के आंगन में दिया बच्चे को जन्म

Uma Bharti ने लिखा, ‘पार्टी ने मुझे निकाल दिया था तब भी मैंने राष्ट्रवाद और इन वर्गों की चिंता नहीं छोड़ी थी. राम, गंगा, तिरंगा और वंचित वर्ग इनके लिए मेरी जान हाजिर है. राम मंदिर बन गया, लेकिन रामराज्य अभी बाकी है. मेरे सामने बहुत लंबी जिंदगी बाकी है, जो कि मैं अब राम राज्य के लिए लगाऊंगी.’

ये भी पढ़ें : सामने आई सुशांत की विसरा रिपोर्ट… जानिए क्या है चौंकाने वाला सच

आखिर में उन्होंने लिखा, ‘इसलिए मैं आपके विवेक पर छोड़ती हूं कि आप मुझे पदाधिकारियों की टीम में रख पाते हैं कि नहीं. मेरे लिए तो भगवान की कृपा और सर्वजन समाज का साथ ही मेरी शक्ति है. आप मेरे बारे में आंखें मूंद के फैसला ले सकते हैं. मैं तो बीजेपी की रिजर्व फोर्स हूं. जरूरत पड़ने पर हमेशा काम आऊंगी.’