भारत का कभी दोस्त नहीं बन सकता धोखेबाज चीन, हर हाल में सबक सिखाना ही होगा: बाबा रामदेव

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Baba-Ramdev
(Image Courtesy: Google)

हरिद्वार. भारत और चीन के बीच जारी तनाव से देशभर में चीन के खिलाफ रोष है. इस बीच बाबा रामदेव ने भी चीन के खिलाफ हुंकार भरी है. पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक और योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि चीन कभी भी भारत का मित्र नहीं हो सकता. वह हमेशा से भारत के साथ छल करता रहा है और आगे भी करता रहेगा.

इस दौरान बाबा रामदेव ने चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील सरकार से की.

क्या बोले बाबा रामदेव

एक टीवी चैनल से बातचीत में बाबा रामदेव ने चीन के खिलाफ सख्त रणनीति अपनाते हुए उसे करारा जवाब देने की पैरवी की. उन्होंने कहा, ‘चीन को पाकिस्तान की तरह जवाब देना होगा. इसके लिए भारत सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘कारोबार में चीन का विकल्प खोजना चाहिए. हम दो साल में चीनी उत्पादों का नाम मिटा देंगे.’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भले ही दो-तीन साल लग जाएं लेकिन चीन का बहिष्कार करना ही होगा.

‘100-200 चीनी सैनिकों का करें अंत’

स्वामी रामदेव ने कहा, ‘चीन ने हमेशा हमारे साथ धोखा किया. आगे भी करता रहेगा क्योंकि उसमें मानवीयता नहीं है, आध्यामिकता नहीं है. हमारा एक भी पैसा चीन के पास नहीं जाना चाहिए.’

योगगुरू ने कहा कि चीन ने लंबे अरसे बाद ऐसी हिमाकत की है. अगर इस बार उसको जवाब नहीं दिया, तो दुनिया भर में भारत की तौहीन होगी. मौजूदा माहौल में भारत की चीन को लेकर रणनीति क्या हो? इस पर जवाब देते हुए रामदेव ने कहा कि उन्होंने हमारे 20 सैनिक मा;रे हैं. ऐसे में 100-200 चीनी सैनिकों का अंत करना चाहिए.

निरस्त करें सभी समझौते

पतंजलि संस्थापक बाबा रामदेव ने कहा कि चीन के साथ पूर्व की सरकारों द्वारा किए गए सभी समझौते निरस्त कर देना चाहिए. सीमा पर बिना ह;थि’यारों वाली संधि भी रद्द होना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से हम पाकिस्तान के सामने सीमा पर खड़े हैं, उसी तरह चीन के साथ भी सरहद पर पेश आना चाहिए. रामदेव ने इस दौरान दावा किया कि एक जमाने में आधा चीन तक भारत फैला हुआ था. ऐसे में अब भारत को सख्त कदम उठाते हुए तिब्बत से भी आगे तक जाना चाहिए.

विपक्ष को नसीहत

रामदेव ने विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए कहा कि भारत-चीन के मुद्दे पर किसी भी दल को कोई ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, जिससे दुनिया में भारत का उपहास हो. उन्होंने कहा कि वह भारत की राजनौतिक पार्टियों से अपील करते हैं कि वे लोग राष्ट्रीय एकता के मुद्दे पर भारत की सेना और सरकार से साथ खड़े हों.