चीन की दादागिरी खत्म करेगा USA, हिंद महासागर में तैनात किया घातक B-2 Spirit बॉम्बर

नई दिल्ली। भारत-चीन गतिरोध के बीच अमेरिका ने चीन को खुली चुनौती दे दी है। ताइवान और लद्दाख में चीन के कारण उत्पन्न हुए तनाव के बाद अमेरिका ने हिंद महासागर के डिएगो गार्सिया द्वीप पर B-2 बॉ;म्ब’र (B-2 Spirit) तैनात कर दिए हैं। दुनिया का सबसे घा;तक B-2 बॉ;म्बर (B-2 Spirit) स्टेल्थ टेक्नोलॉजी से लैस होने के साथ परमाणु हम;ला करने में सक्षम है।

इन विमानों की तैनाती चीन के लिए साफ संकेत है कि वह अपनी हरकतों से बाज आए और क्षेत्र में यु;द्ध जैसी स्थिति पैदा ना करे।

अमेरिकी नौसेना ने की पुष्टि

हालांकि, बी-2 (B-2 Spirit) विमानों की तैनाती की खबर तो कई दिनों से आ रही थी। 12 अगस्त को डिएगो गार्सिया एयरबेस पर यह विमान पहुंचे हैं। किसी भी रडार की पकड़ में ना आने वाला बी-2 बॉ;म्ब’र (B-2 Spirit) की तैनाती से अमेरिका ने चीन को साफ संदेश दिया है। अमेरिका का संदेश स्पष्ट है कि वाशिंगटन हिंद महासागर, दक्षिण चीन सागर और प्रशांत के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अमेरिका का यह नौसैनिक अड्डा भारत से महज 3,000 किलोमीटर दूर है।

इसी के साथ अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन भी 14 अगस्त को दक्षिण चीन सागर की ओर बढ़ गया था। दूसरी तरफ, अमेरिका ने हिंद महासागर में ऑस्ट्रेलियाई और कनाडाई नौसेना के साथ यु;द्धा’भ्यास भी शुरू कर दिया है।

परमाणु हम;ला करने में सक्षम बी-2 बॉ;म्ब’र (B-2 Spirit) कई मौकों पर खुद को साबित कर चुका है। दुनिया का सबसे महंगा विमान एकसाथ कई परमाणु हम’ले भी कर सकता है। बी-2 स्प्रिट स्टेल्थ (B-2 Spirit) एक साथ 16 बी 61-7 परमाणु ब;म ले जा सकता है। हाल ही में इसके बेड़े में बेहद घातक और सटीक मा;र करने वाले बी61-12 परमाणु ब’म शामिल किए गए हैं। यह दुश्मन के हवाई सुरक्षा तंत्र को चकमा देकर इलाके में घुस जाता है। यह रडार की पकड़ में नहीं आता है और चुपके से हम’ले को अंजाम देने में सक्षम है।

भारत समेत पूरे हिंद महासागर क्षेत्र के लिए खास

अमेरिका का डियागो गार्सिया नौसैनिक अड्डा भारत समेत पूरे हिंद महासागर क्षेत्र के लिए खास है। इससे भारत के दक्षिणी तट की लंबाई 970 समुद्री मील है। इस द्वीप पर अमेरिका के 1700 सैन्यकर्मी और 1500 नागरिक कॉन्ट्रैक्टर्स है, इसमें 50 ब्रिटिश सैनिक शामिल है। इस द्वीप का उपयोग अमेरिकी नौसेना और वायु सेना दोनों ही संयुक्त रूप से करते हैं।