पुराने डिजाइन से काफी अलग होगा अयोध्या में बन रहा हर भारतवासी के सपनों का ‘राम मंदिर’, जानें क्या होगा खास

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(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली। राम मंदिर निर्माण का अगले 15-20 दिनों के भीतर शुरू होने जा रहा है। इसके लिए पांच अगस्त को अयोध्या में राम जन्मभूमि पूजन किया जाएगा। राम मंदिर निर्माण की रूपरेखा पर 18 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। बैठक में कई मसलों पर अहम चर्चा हुई।

हर भारतवासी के सपनों का ‘राम मंदिर’ बेहद भव्य होगा। मंदिर की भव्यता बढ़ाने के लिए भी कुछ बदलाव किए गए हैं। अब भगवान राम का मंदिर और अधिक ऊंचा व भव्य होगा।

ये होंगे बदलाव

राम मंदिर की ऊंचाई, चौड़ाई व लंबाई तीनों ही बढ़ा दी गई हैं। साथ ही राम मंदिर अब दो मंजिल की जगह तीन मंजिल का होगा। नये नक्शे के हिसाब से, राम मंदिर की लंबाई अब 268 फीट होगी और चौड़ाई 140 फीट होगी। मंदिर की ऊंचाई भी बढ़ा दी गई है।

पहले नक्शे में राम मंदिर की ऊंचाई 128 फीट तय की गई थी, जो अब बढ़ाकर 161 फीट कर दी गई है। इसके अलावा तीन गुंबद की जगह नये नक्शे में पांच गुंबद रखे गये हैं। दो मंजिल की जगह अब राम मंदिर तीन मंजिला होगा। पूरे मंदिर में 318 स्तंभ होंगे और हर तल पर 106 स्तंभ बनाए जाएंगे।

हालांकि, मंदिर का बुनियादी स्वरूप वही रखा गया है जैसा प्रस्तावित मॉडल में था। गर्भगृह और सिंहद्वार के नक्शे में भी कोई बदलाव नहीं होगा। राम मंदिर का अग्रभाग, सिंहद्वार, नृत्य मंडप और रंग मंडप को छोड़कर बाकी सभी हिस्से का नक्शा बदला जाएगा। मंदिर के नये नक्शे पर वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा काम कर रहे हैं।

क्यों किया गया बदलाव

राम मंदिर का जो मॉडल अब तक सबके सामने है वो विश्व हिंदू परिषद के आइडिया पर आधारित है। सुप्रीम कोर्ट से 9 नवंबर 2019 को जब राम मंदिर निर्माण की मंजूरी मिली तो मंदिर की जिम्मेदारी के लिए केंद्र सरकार को एक ट्रस्ट गठित करने के लिए कहा गया।

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मोदी सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नाम से राम मंदिर ट्रस्ट का गठन किया। ये ट्रस्ट ही अब मंदिर निर्माण का काम देख रही है। मंदिर को लेकर लगातार मंथन भी हो रहा है। संतों की तरफ से राम मंदिर के विस्तार और उसकी भव्यता बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही थी। ट्रस्ट ने संतों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कुछ बदलाव के फैसले लिए हैं। हालांकि, मंदिर का मॉडल वही होगा, लेकिन उसकी भव्यता बढ़ाई जाएगी।

18 जुलाई को अयोध्या में हुई ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर मॉडल तैयार करने वाले चंद्रकांत सोमपुरा के दोनों बेटों निखिल व आशीष सोमपुरा को भी बुलाया गया था। दोनों इंजीनियर हैं और ये दोनों ही मंदिर के नक्शे में किए गए बदलाव पर काम करेंगे।

भूमि-पूजन में जाएंगे पीएम मोदी!

यदि सबकुछ ठीक रहा तो पीएम मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर भूमि-पूजन में शिरकत करेंगे। पीएम मोदी को ट्रस्ट की तरफ से न्योता भेजा जा चुका है। हालांकि, पीएमओ की तरफ से अब तक आधिकारिक तौर पर कोई तारीख कंफर्म नहीं बताई गई है। लेकिन बताया जा रहा है कि 5 अगस्त को पीएम मोदी भूमि पूजन के लिए अयोध्या जा सकते हैं।

राम मंदिर का भूमि-पूजन अभिजीत मुहूर्त में ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ किया जाएगा। ताम्र कलश में गंगाजल और अन्य तीर्थों का जल लाकर पूजा की जाएगी। 3 अगस्त से पूजा-पाठ का काम शुरू हो जाएगा। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी भूमि-पूजन में शामिल होंगे।