अयोध्या राम मंदिर के भूमि पूजन पर रोक लगाने की मांग, इलाहबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर जहां एक तरफ तैयारियां तेज हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ मंदिर के भूमि पूजन पर रोक की मांग को लेकर इलाहबाद हाई कोर्ट में एक जनहित याचित दायर की गई है।

यह याचिका दिल्ली के साकेत गोखले ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर पीआईएल के रूप में भेजी है।

बताया लॉकडाउन का उल्लंघन

पीआईएल में कहा गया कि भूमि पूजन कोविड-19 के अनलॉक-2 की गाइडलाइन का उल्लंघन है। भूमि पूजन में तीन सौ लोग इकट्ठा होंगे जो कि कोरोना के नियमों के खिलाफ होगा। इस याचिका के जरिए भूमि पूजन के कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है।

याचिका में कहा गया कि कार्यक्रम होने से कोरोना के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा। इसमें ये भी कहा गया कि यूपी सरकार केंद्र की गाइडलाइन में छूट नहीं दे सकती है।

पीआईएल पर सुनवाई की मांग

चीफ जस्टिस से लेटर पिटीशन को पीआईएल के तौर पर मंजूर करते हुए सुनवाई करके कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है। साकेत गोखले कई विदेशी अखबारों में काम कर चुके हैं और सोशल एक्टिविस्ट भी हैं।

हालांकि लेटर पिटीशन को अभी तक चीफ जस्टिस ने सुनवाई के लिए मंजूर नहीं किया है। याचिका में राम मंदिर ट्रस्ट के साथ ही केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है।