बाबर के नाम से अयोध्या में नहीं बनेगी कोई भी मस्जिद, CM योगी को न्योता भेजेगा वक्फ बोर्ड

अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। दूसरी तरफ मस्जिद के लिए मिली जमीन पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा है कि अयोध्या में बाबर के नाम से कोई मस्जिद या अस्पताल नहीं बनाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दी गई 5 एकड़ जमीन को लेकर यह बात सामने आई है।

केंद्र ने आवंटित की थी जमीन

दरअसल, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र की तरफ से मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन पहले ही चिन्हित करके हस्तांतरित कर दी गई है। अब सुन्नी वक्फ बोर्ड की गठित ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने प्रेस नोट के माध्यम से साफ किया है कि अयोध्या में बाबर के नाम पर किसी भी मस्जिद या अस्पताल का निर्माण नहीं होगा।

ट्रस्ट ने कहा है कि मिली पांच एकड़ की जमीन पर अस्पताल, रिसर्च सेंटर और पुस्तकालय बनाया जाएगा। बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन नामक एक ट्रस्ट का निर्माण किया है, जिसका उद्देश्य माननीय सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अयोध्या के धनीपुर में दी गई 5 एकड़ भूमि पर उपयोगी निर्माण कराना है।

अफवाहों का किया खंडन

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिली इस जमीन पर एक मस्जिद, एक सांस्कृतिक और शोध केंद्र एक अस्पताल, एक पुस्तकालय बनाया जाएगा। प्रेस नोट में यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक झूठी खबर फैलाई जा रही है कि उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने एक बाबरी अस्पताल बनाने का फैसला किया है और खलील खान उसके डायरेक्टर होंगे।

सीएम योगी को भेजा जाएगा न्यौता

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रवक्ता ने बताया कि मस्जिद निर्माण में शिलान्यास के कार्यक्रम की इस्लाम में इजाजत नहीं है। सिर्फ नींव खोद कर मस्जिद की शुरुआत होती है, लेकिन इस जमीन पर जब अस्पताल या फिर ट्रस्ट के भवन की नींव रखी जाएगी तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया जाएगा।

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रवक्ता के मुताबिक जमीन पर शुरुआत के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी आमंत्रित किया जाएगा। बता दें कि हाल ही में एक इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मस्जिद के शिलान्यास के कार्यक्रम में उन्हें न तो कोई बुलाएगा और न ही वह जाएंगे।

मुख्यालय से करीब 18 किमी दूरी

अयोध्या जनपद के सोहावल तहसील में जनपद मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे थाना रौनाही के पीछे धन्नीपुर में जमीन मस्जिद के लिए दी गयी है। बता दें कि मस्जिद के लिए चिन्हित जमीन कृषि विभाग की है। 5 एकड़ भूमि जिस इलाके में दी गई है, वहां पर प्रसिद्ध शहजाद शाह की दरगाह है।