अलगाववादियों के गढ़ में दहाड़ी शेरनी रम्यसा रफीक, लाल चौक पर काफी देर तक लहराती रही तिरंगा

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने को आज पूरा एक साल हो गया है। कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा लहराती रम्यसा रफीक की यह तस्वीर जम्मू-कश्मीर में उस बदलाव की है, जो पिछले एक साल में आया है। अल;गाववादियों और आ;तं’कवादियों का गढ़ बन चुके अनंतनाग के लाल चौक पर आज रम्यसा रफीक ने तिरंगा लहराकर देश के विरोधियों को करारा जवाब दिया।

कश्मीर के बेखौफ माहौल में बुधवार सुबह बीजेपी कार्यकर्ता रम्यसा रफीक ने तिरंगा लहराया। उनकी यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। रम्यसा बुधवार सुबह हाथ में तिरंगा लिए लाल चौक पहुंचीं और काफी देर तक यहां तिरंगा लहराती रहीं।

पिछले साल हटाई गई थी धारा 370

केंद्र सरकार ने पिछले साल 5 अगस्त को ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करके अल;गाववाद को काफी हद तक खत्म कर दिया। अनंतनाग के लाल चौक पर अक्सर अल;गाववादी लोगों को भ;ड़’काकर प;त्थ’रबाजी कराया करते थे।

लेकिन पिछले एक साल में इन घटनाओं में नाटकीय अंदाज में कमी आई है। सभी बड़े अल;गाववादियों का धंधा चौपट हो चुका है। सुरक्षाबलों ने आ;तं’कवाद पर भी बड़ा प्रहार किया है और इस साल कई बड़े आ;तं’की मौत के घाट उतार दिए गए।

घाटी के बड़े हिस्से में दिख रहा बदलाव

सुरक्षा बल से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक घाटी के बड़े हिस्से में एक बड़ा बदलाव ये महसूस किया जा रहा है कि स्थानीय लोग आ;तं’कवाद पर कार्रवाई का विरोध नही करते। बुरहान वानी की तरह आ;तं’कियों को हीरो बनाने का चलन कम हुआ है। पहले पुलिस की गाड़ी देखते ही पत्थर फेंकने की घटनाएं होती थीं। पुलिस प्रशासन के दावों से इतर स्थानीय लोग भी मानते हैं कि अब ये घटनाएं कम हुई हैं।