जाट-मुस्लिम समीकरण के बीच बैलेंस बनाने की चुनौती, सीट बंटवारे पर आज अखिलेश-जयंत की बैठक

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गठबंधन के बाद अब सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर काम शुरू कर दिया है।

इसी कड़ी में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) के बीच गुरुवार को लखनऊ में मुलाकात होनी है। इस दौरान दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर फॉर्मूला बन सकता है। माना जा रहा है कि 2022 के चुनाव (UP Election 2022) में एसपी आरएलडी को 30 से 35 सीटें देना का फैसला कर सकती है।

सपा और आरएलडी (SP RLD Gathbandhan) के बीच गठबंधन पर पहले ही सहमति बन गई है, लेकिन अभी तक सीट बंटवारे पर बात नहीं बन सकी थी। ऐसे में अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच होनी बैठक में सीट बंटवारे के साथ दोनों दलों के बीच समन्वय बनाने के लिए भी यह बैठक अहम मानी जा रही है। पश्चिमी यूपी में मिलकर कैसे लड़ना है और सीटों में जातिगत समीकरणों का ध्यान कैसे रखा जाए ताकि जाट-मुस्लिम समीकरण का बेहतरीन तालमेल रहे।

\बता दें कि पिछले साल चौधरी अजीत सिंह के निधन के बाद जयंत चौधरी के सामने अपनी पार्टी के खोते जनाधार को बचाने की चुनौती है। किसान आंदोलन ने जयंत को वो मौका भी दिया। जंयत पिछले एक साल से जिस तरह आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहे उससे भी इन्हें खूब सहानभूति मिली। अब जयंत को लगता है कि पश्चिमी यूपी में जाट-सिख और मुस्लिमों की लामबंदी के बदौलत आरएलडी फिर से अपनी खोई ताकत जुटा चुकी है और इसीलिए जंयत अब इसका भरपूर फायदा उठाना चाहते हैं।

इन सीटों पर है जयंत चौधरी की निगाह

वेस्ट यूपी के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ के छह मंडल में 26 जिले हैं, जहां 136 विधानसभा सीटे हैं और इन सीटों पर जाटों का खासा प्रभाव है और वही निर्णायक भूमिका निभाते आये हैं। जयंत चौधरी की निगाह इन्हीं सीटों पर है और वे चाहते थे कि इनमें से अधिकांश सीटों पर आरएलडी के उम्मीदवार ही चुनाव लड़ें। ऐसे में पश्चिमी यूपी की इन्हीं सीटों पर आरएलडी चुनावी ताल ठोंकने की तैयारी है।