अखिलेश यादव बोले- BJP कार्यकर्ता हैं ‘ई-रावण’, भेष बदल कर पर अफवाह और नफरत फैलाते हैं

Newzbulletin Desk: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक फायदे के लिए साजिश रचने और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया है।

अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने शनिवार को न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्‍यू में बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘ई-रावण’ का नाम दिया और कहा कि इनसे निपटने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क कर दिया है।

एसपी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि बीजेपी अपने प्रचार और नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘ई-रावण’ की भूमिका में आ गई है। वह रावण की तरह ही भेष बदलकर सोशल मीडिया पर अफवाह और झूठ फैला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता छद्म रूप में एसपी समर्थक बनकर सोशल मीडिया पर आते हैं और एसपी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करते हैं।

‘सावधान रहें पार्टी कैडर’

यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि मैंने अपनी पार्टी के कैडर से ऐसे छद्म लोगों से सावधान रहने और सोशल प्‍लेटफार्म पर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए कहा है। उन्हें कुछ भी साझा करने, जवाब देने की जरूरत नहीं है बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के बारे में पार्टी कार्यालय को रिपोर्ट करने को कहा गया है। एसपी को निशाना बनाकर झूठी सूचना फैलाने वालों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी ने पिछले हफ्ते कार्रवाई भी की।

एक FIR दर्ज हो चुकी है

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के कथित फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाकर घृणा फैलाने के मामले में एसपी प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई और ट्वीट के स्‍क्रीन शॉट्स भी दिए जिसमें दावा किया गया था कि राज्य में एसपी सरकार आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर के स्थान पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जाएगा। इस मामले में 25 जुलाई को राजधानी के गौतमपल्ली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

‘BJP कर रही सोशल मीडिया का दुरुपयोग’

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘2022 के चुनाव नजदीक हैं और बीजेपी के लोग कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि वे सत्ता हथियाने के लिए झूठ बोलने और लोगों को बेवकूफ बनाने में माहिर हैं। उनका उद्देश्य विकास सहित मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना है।’

अखिलेश ने कहा, ‘हमने अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित, सभ्य और सोशल मीडिया में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में संयम बरतने के लिए कहा है, जो संवाद और विचार व्यक्त करने के लिए एक मजबूत माध्यम के रूप में उभरा है। दुर्भाग्य से बीजेपी इसका दुरुपयोग कर रही है।’

‘उपलब्धि गिनाने के लिए एक भी काम नहीं’

यादव ने कहा कि राज्य में बीजेपी सरकार के साढ़े चार साल बीत चुके हैं और विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि बीजेपी के पास अपनी उपलब्धि गिनाने के लिए एक भी काम नहीं है। एसपी से ही राज्य के लोगों को उम्‍मीद बताते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में 350 सीटें जीतेगी। यादव ने कहा, ‘जब बीजेपी झूठ बोलकर 300 से अधिक सीटें जीत सकती है, तो हम अपनी सरकार में किए गए विकास कार्यों के मुद्दे पर अधिक सीटें क्यों नहीं जीत सकते?

‘कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है’

उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘पूरे देश ने देखा है कि पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान महिलाओं के साथ क्या व्यवहार किया गया। कैसे बीजेपी के गुंडों ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कानून अपने हाथ में लिया।’ अखिलेश ने आरोप लगाया कि ‘बीजेपी को लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है। लोकतंत्र खतरे में है और लोकतंत्र को बीजेपी के धोखे से बचाने के लिए एसपी लोगों की आवाज उठा रही है।’

यादव ने पहले आरोप लगाया था कि लखीमपुर खीरी में हाल ही में हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एसपी उम्मीदवार रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता यादव की साड़ियां खींच ली थी। रितु सिंह की शिकायत के आधार पर लखीमपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और इस मामले में छह पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया। दूसरी ओर बीजेपी ने कहा कि किसी भी दुर्व्यवहार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।