पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटोनी बोले – सिर्फ भारत का है गलवान, चीन की हरकत के पीछे कोई गहरी चालबाजी

नई दिल्ली. भारत-चीन सीमा विवाद पर पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटोनी का बड़ा बयान सामने आया है. पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा है कि इसके पीछे कोई चालबाजी हो सकती है.

एंटोनी ने कहा कि गलवान घाटी पर भारत का दावा हमेशा निर्विवादित रहा है. चीन ने अचानक अपनी रणनीति बदली है, इसके पीछे कोई बड़ा प्लान हो सकता है.

यूपीए-2 के समय महसूस किया था रणनीति में बदलाव

एंटनी ने कहा, ‘यूपीए-2 के समय मैंने चीन की रणनीति में बदलाव महसूस किया था. यही वजह थी कि डेस्पांग और चुमार में चीनी सैनिकों ने अतिक्रमण किया था. लेकिन बातचीत के बाद वह वापस लौट गए थे. उस वक्त उनकी प्राथमिकता दक्षिणी चीन सागर विवाद था. वह चाहते थे कि दक्षिणी चीन सागर में उनका एकाधिकार हो. वो तब ताइवान, हांगकांग, जिनजियांग को लेकर ज्यादा चिंतित थे. लेकिन फिर उन्होंने एकाएक अपनी रणनीति बदल दी.

गलवान निर्विवाद रूप से हमारा

अंग्रेजी अखबर इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में एंटनी ने कहा कि इस बार ऐसे क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ है, जो हमेशा से निर्विवादित था और भारत के अधिकार में रहा है. यूपीए-2 के समय जब भी विवाद की स्थिति बनी वो बातचीत के बाद हमेशा वापस लौट जाते थे. लेकिन अब चीनियों की रणनीति बदली हुई लग रही है. इसके पीछे कोई गहरी तैयारी है जिसे हमें समझना होगा. सरकार को इसे गहराई से समझना चाहिए.

धोखेबाजी पर उतरा चीन

एंटनी ने कहा है कि कांग्रेस के शासन काल में भारत ने गलवान घाटी में निर्माण की शुरुआत कर दी थी. उन्होंने गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमले को धोखेबाजी करार दिया है.

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उन्होंने कहा- ‘बीते सालों में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच कई विवादित जगहों पर संघर्ष हुआ है लेकिन गलवान को लेकर हमेशा स्थितियां स्पष्ट रही हैं. गलवान भारतीय सीमा में है. इस इलाके में हमारी संप्रभुता निर्विवादित रही है. जब हमने गलवान में निर्माण शुरू किया था तब चीन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी.’

गौरतलब है कि गलवान घाटी की घटना के बाद राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस की तरफ से लगातार सरकार को घेरने की कोशिश की जा रही है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इसे लेकर एक खत लिखा है जिस पर बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा जवाब दिया गया है.