कोरोना और चीन से लड़ने की बजाय कांग्रेस की सरकारें गिराने में लगे हैं PM मोदी: अजय माकन

नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। माकन ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी कोरोना वायरस, आर्थिक संकट और चीन से लड़ने की बजाय कांग्रेस की सरकारें गिराने के षड्यंत्र में लगे हैं।

माकन ने कहा कि वास्तविकता यह है कि मोदी सरकार और भाजपा ने देश के प्रजातंत्र और संविधान पर हमला बोल रखा है।

माकन ने लगाए आरोप

माकन ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाते हुए कहा, ‘एक तरफ देश कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है और 130 करोड़ देशवासी गंभीर आर्थिक संकट से ग्रस्त हैं। 14 करोड़ से अधिक रोजगार खोए जा चुके हैं। छोटे, बड़े धंधे और व्यवसाय बंद होने की कगार पर हैं। चीन हमारे क्षेत्र पर कब्ज़ा बनाए हुए है। परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस, आर्थिक संकट, चीन से लड़ने की बजाय कांग्रेस की सरकारें गिराने के षड्यंत्र में लगे हैं।’

उन्होंने कहा कि राज्य की बहुमत वाली कांग्रेस सरकार के पक्ष में, कांग्रेस विधायकों के समर्थन में व संविधान तथा प्रजातंत्र की रक्षा के लिए सोमवार को पूरे देश में राजभवनों के सामने कांग्रेसजन व देशवासी गांधीवादी धरना देंगे। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की रक्षा और सुरक्षा के हमारे संकल्प को और ज्यादा मजबूत करेगा।

लोकतंत्र को अपने हाथ की कठपुतली बना रहे

माकन ने कहा, ‘राजस्थान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी हुई कांग्रेस सरकार गिराने के भाजपाई ष’ड्यं’त्र से साफ है कि यह विघटनकारी ताकतें प्रजातंत्र को दिल्ली दरबार की दासी बनाना चाहते हैं तथा लोकतंत्र को अपने हाथ की कठपुतली। बहुमत की सरेआम ह;त्या हो रही है और जनमत को कु;च’ल भाजपा की काल कोठरी की सलाखों के पीछे डाल दिया गया है।’

संवैधानिक परंपराओं को बेरहमी से भाजपा द्वारा रौंदा जा रहा है

माकन ने कहा, ‘सबसे अधिक चिंता का विषय है कि संविधान व स्थापित संवैधानिक परंपराओं को बेरहमी से भाजपा द्वारा रौंदा जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायपालिका से भी अपेक्षित न्याय की उम्मीद खत्म हो गई है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति संविधान की रक्षा करने में असहाय और असक्षम नजर आते हैं।’

उन्होंने मोदी सरकार से सवाल किया, ‘क्या देश को प्रजातंत्र और संविधान पर भाजपाई हम;ला स्वीकार्य है, क्या बहुमत और जनमत का निर्णय राजस्थान की 8 करोड़ जनता के वोट से होगा या फिर दिल्ली के हुक्मरानों के सत्ताबल और धनबल से।’