UP सरकार का चला डंडा, AAP दफ्तर में लगा ताला… सांसद संजय सिंह पर 6 मामले दर्ज

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के उत्तर प्रदेश स्थित लखनऊ आफिस पर ताला जड़ दिया गया है। पार्टी ने यह कार्यालय किराए पर लिया हुआ था। दूसरी तरफ पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर अब तक 6 मुकदमे दर्ज हुए हैं। पार्टी कार्यालय में ताला जड़ने के बाद सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है।

संजय सिंह ने पूछा- क्या अब डंडेशाही से यूपी चलेगा? आप यह एफआईआर-एफआईआर खेलने बंद करिए। यह बचकाना खेल बंद करिए।

संजय सिंह ने कहा, मेरे खिलाफ दर्ज की गई छठी एफआईआर

सिंह ने आगे कहा कि योगी सरकार ने लखनऊ के हजरत गंज थाने छठी FIR भी दर्ज कर ली है। थाने 1700, पर FIR मात्र 6 बहुत नाइंसाफ़ी है। 1700 एफआईआर लिखवा कर दिखाइए। अगर आप ऐसा नहीं करा सकते तो मतलब है कि थानेदार भी सीएम योगी की नहीं सुनते हैं।

आप ने लगाए आरोप

संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘कार्यालय के मकान मालकिन से बयान दिलाया गया है, पुलिस कैसे काम करती है पूरा देश जानता है यूपी पुलिस बताये कल आप के प्रदेश प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी के घर पुलिस क्यों गई थी? कार्यालय का पता क्यों पूछा था? सुबह से कार्यालय के बाहर पुलिस का जमावड़ा क्यों था? पहले उसी आफिस में कई प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो आज क्या हुआ?’

सिंह ने आगे कहा, ‘योगी सरकार बड़े-बड़े दावे ज़रूर कर रही है। लेकिन हक़ीक़त ये है की यू पी देश का पहला राज्य है, जहां कोरोना से दो मंत्रियों की मृत्यु हो चुकी है, किसकी जवाबदेही है? सरकार कोरोना रोकने के बजाय मुक़दमा लिखने में व्यस्त है।’

AAP का दावा- पुलिस दबाव में दफ्तर पर लगा तालाः

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता माहेश्वरी के मुताबिक, विजय खंड में पार्टी प्रदेश कार्यालय पर पुलिस दबाव में ताला लगाया गया। वह कार्यालय किराए पर था। पुलिस शनिवार रात उनके घर पहुंची और उनसे पार्टी दफ्तर का पता पूछने लगी।

रविवार सुबह मकान मालिक ने उन्हें फोन कर कहा कि पार्टी उनके यहां गतिविधियां बंद करे, जिसके बाद दफ्तर पर ताला लगा दिया गया। यह सब कुछ पुलिस के दबाव में आकर किया गया है। सीएम की पुलिस आम आदमी की आवाज उठाने वाली आप को परेशान करने के लिए ऐसी हरकतें कर रही है।

योगी राज में न नियम, न कानून-व्यवस्था

संजय सिंह ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश के योगी राज को ‘जंगलराज’ कहना भी शायद कम होगा, क्योंकि जंगल के भी कुछ नियम होते हैं। यहां न तो ना कोई नियम है, ना कानून है और ना ही व्यवस्था। उन्होंने कहा, लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार मनमर्जी से काम नहीं कर सकती। उसे कानून के मुताबिक ही काम करना होता है। योगी सरकार विश्वसनीयता खो चुकी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि मुख्यमंत्री की पार्टी के 200 विधायक उनके खिलाफ विधानसभा में धरने पर बैठ गए थे।’

बता दें कि संजय सिंह पर एक जाति विशेष के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में लखीमपुर, संतकबीरनगर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर और ग्रेटर नोएडा में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। उन पर समाज को बांटने और सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाला बयान देने का आरोप है।