रोज 24 किमी साइकिल चला स्कूल जाती थी किसान की बेटी रोशनी, टॉपर बन बोली-IAS बनकर करूंगी देश सेवा

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(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में रहने वाली किसान की बेटी रोशनी ने अपने माता-पिता के साथ पूरे गांव का नाम रोशन किया है. भिंड जिले के अजनौल गांव की रहने वाली 15 साल की रोशनी भदौरिया ने हाईस्कूल की परीक्षा में पूरे प्रदेश में आठवां स्थान हासिल किया. रोशनी को 300 में से 295 अंक मिले हैं.

मध्य प्रदेश बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा मेरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराने वाली रोशनी के लिए पढ़ाई बहुत महत्वपूर्ण रही है. हालांकि उसके लिए ये सब इतना आसान भी नहीं है.

साइकिल से जाती थी स्कूल

रोशनी का स्कूल उसके गांव से करीब 12 किलोमीटर दूर है, यानी हर दिन स्कूल आने जाने के लिए उसे 24 किमी का सफर तय करना पड़ता है. रोशनी साइकिल चलाकर रोज स्कूल जाती थी. रोशनी बताती है कि घर में भी उन्होंने पांच-छह घंटे पढ़ाई की. दिलचस्प यह है कि यह साइकिल भी रोशनी को सरकार की तरफ से दी गई थी.

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रोशनी बड़े होकर एक आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं. वह कहती हैं कि देश सेवा के साथ में समाज के शोषित और वंचित लोगों की मदद करना चाहती हूं. रोशनी के पिता एक साधारण किसान है और उनके पास महज 4 एकड़ जमीन है.

शिवराज ने की तारीफ

रोशनी की इस उपलब्धि से पर मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आशीर्वाद दिया और तारीफ की है. सीएम शिवराज ने ट्विटर पर लिखा कि बेटियों तुम ऐसे ही सफलता के कीर्तिमान रचती रहो. मुश्किलों को परास्त कर, अविराम बढ़ती रहो. बेटी रोशनी, संघर्षों के बाद मिली जीत आत्मविश्वास बढ़ाती है. तुम प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनोगी. सदा खुश रहो, सफल हो मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है.

मां और भाई ने दी है 12वीं की परीक्षा मां

एक और दिलचस्प बात ये भी है कि रोशनी की मां सरिता भदौरिया और उसके बड़े भाई श्यामवीर ने भी इसी साल 12वीं की परीक्षा दी है. रोशनी का छोटा भाई कृष्णप्रताप भदौरिया 5वीं कक्षा का छात्र है. हाइस्कूल के परीक्षा परिणाम के बाद परिवार में खुशी का माहौल है. माता-पिता को बेटी रोशनी पर गर्व है.

गणित से है खासा लगाव

रोशनी भदौरिया का पसंदीदा विषय गणित है. रोशनी कहती हैं कि गणित में उन्हें 100 में से 100 अंक मिले हैं. सामाजिक विज्ञान में 100, संस्कृत में 99, अंग्रेजी में 96 और विज्ञान विषय में 96 अंक मिले हैं. कोरोना संकट के कारण इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में प्रावीण्य सूची 300 अंक के आधार पर जारी की गई है.