देश की प्रेरणा बनी भारत की प्रथम महिला, बेसहारा लोगों के लिए सिल रही मास्क

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Savita Kovind Stiching Mask
नारी निकेतन में मॉस्क सिलती देश की प्रथम महिला सविता कोविंद। साभार: एएनआई

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के चलते पूरा देश इस वक्त थमा हुआ है। कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ लगभग सभी राज्यों ने मॉस्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। हाल ही में केंद्र ने भी पूरे देश में मॉस्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। मॉस्क की बढ़ती किल्लत को देखते हुए पीएम मोदी खुद लोगों से घर पर ही मॉस्क बनाने की अपील कर चुके हैं।

बावजूद इसके देशभर में मास्क के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे भी कई गरीब और जरूरतमंद हैं जिनके पास मास्क खरीदने के पैसे तक नहीं है। इसी के चलते भारत की प्रथम महिला सविता कोविंद ने कोरोना के खिलाफ इस जंग में अपना योगदान देना शुरू कर दिया है।

दरअसल, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पत्नी सविता कोविंद मॉस्क की कमी को दूर करने के लिए अपना योगदान देते हुए खुद मास्क सिलने का काम कर रही हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने विगत 22 अप्रैल को प्रथम महिला सविता कोविंद की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह मॉस्क सिलते हुए दिख रही हैं।

दरअसल, प्रेजीडेंट एस्टेट में शक्ति हॉट के भीतर कई महिला कर्मचारी इन दिनों मॉस्क बनाने में जुटी हैं। इसी क्रम में प्रथम महिला सविता कोविंद भी वहां मास्क सिलती नजर आई। सिलाई मशीन पर काम करते हुए प्रथम महिला खुद भी मॉस्क पहले हुए थी। बताया जा रहा है कि यह मॉस्क दिल्ली के विभिन्न शेल्टर होम्स में भेजे जा रहे हैं, जहां प्रवासी मजदूर व गरीबों को रखा गया है।