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उम्र 98 साल, कमजोर आंखें… फिर भी मास्क बना देश की सेवा कर रही दादी मां… CM ने किया सलाम

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Gurdev Kaur
मास्क सिलती गुरदेव कौर। वीडियो साभार: बीबीसी/ट्विटर

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण हर दिन बढ़ता जा रहा है। इस संकट की घडी में लॉकडाउन के दौरान हर देशवासी दूसरों की मदद के लिए आगे आ रहा है। ऐसी ही एक महिला हैं गुरदेव कौर जो उम्र की सीमा को लांघकर दिन-रात देश सेवा में जुटी हैं।

98 साल की गुरदेव कौर की आखों की रोशनी धुंधली पड़ चुकी है। लेकिन, सालों पुरानी सिलाई मशीन में उनके हाथ लगातार चल रहे हैं। वह हर दिन कई सौ मास्क तैयार कर रही हैं, ताकि जरूरतमंदों को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके। 98 साल की उम्र में देशभक्ति के इस जज्बे को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी सलाम किया है।

उम्र भूलकर दिन रात बना रही मास्क

गुरदेव कौर अपनी बहू और परिवार के साथ पंजाब के मोगा में रहती हैं। उम्र के इस पड़ाव में वह ठीक से चल फिर भी नहीं पाती। उनकी आंखों की रोशनी भी कमजोर हो चुकी हैं। समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, गुरदेव कौर सुबह रोज जल्दी उठ जाती हैं। वॉकर के सहारे चलकर दैनिक नित्यकर्म निपटाती हैं और फिर पूजा करती हैं।

पूजा पाठ के बाद वह अपनी बरसों पुरानी सिलाई मशीन निकालती हैं, जो उन्होंने सिंगापुर से मंगवाई थी। फिर सुबह से लेकर रात तक वह मास्क बनाने के काम में जुट जाती हैं। उनके परिवार वाले बताते हैं कि जब से कोरोना संक्रमण बढ़ा है, तब से अम्मा मास्क बना रही हैं।

गुरदेव कौर की बहू बताती हैं कि पहले इस इलाके में सब्जी बेचने वाले बिना मास्क के आ जाते थे। हम लोगों ने उन्हें कहा कि कोरोना से बचने के लिए मास्क पहने। लेकिन, सब्जी वालों के सामने संकट ये था कि उनके पास मास्क खरीदने के पैसे नहीं थे। उस दिन से गुरदेव कौर ने मास्क सिलने और परिवार वालों ने जरूरतमंद लोगों को मुफ्त मास्क बांटने का फैसला किया।

उनकी बहू अमरजीत कौर बताती हैं कि सासू मां को ठीक से दिखाई भी नहीं देता। लेकिन, मास्क बनाने के काम में उनकी ऊर्जा और जोश देखने लायक है। इस बात की खबर जब राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लगी, तो वह भी बुजुर्ग दादी की तारीफ किए बिना नहीं रह पाए। सीएम अमरिंदर ने ट्वीट कर उन्हें धन्यवाद दिया।