Priyanka Chopra ने किया किसान आंदोलन का समर्थन, कहा- डर को दूर करने की जरूरत

0
580
Priyanka Chopra ने किया किसान आंदोलन का समर्थन, कहा- डर को दूर करने की जरूरत
(Image Courtesy: Google)

नई दिल्ली. देश में जारी किसान आंदोलन (Farmers Protest) को पंजाबी एक्टर्स के साथ-साथ बॉलीवुड स्टार्स भी समर्थन मिल रहा है. अब अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने भी किसान आंदोलन को लेकर अपना पक्ष रखा है. साथ ही उन्होंने किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है.

दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की कंगना रनौत (Kangana Ranaut) से किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर लंबी बहस चली थी. ऐसे में कई लोगों ने दिलजीत को सही ठहराया था. अब प्रिंयका चौपड़ा ने भी दिलजीत दोसांझ का एक ट्वीट, रीट्वीट कर उनका और किसानों का समर्थन किया है.

प्यार से रहते हैं भारतवासी

दरअसल, दिलजीत ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘प्यार की बात करें. कोई भी धर्म लड़ाई नहीं सिखाता. हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और बौद्ध सब एक दूसरे के साथ हैं. भारत इसी रीति के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. यहां सभी प्यार से रहते हैं. यहां हर धर्म को इज्जत दी जाती है.’

प्रियंका ने किसानों को बताया खाद्य सैनिक

प्रियंका (Priyanka Chopra) ने दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) के एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘हमारे किसान भारत के खाद्य सैनिक हैं. उनके डर को दूर करने की जरूरत है. उनकी आशाओं पर खरा उतरने की जरूरत है. एक संपन्न लोकतंत्र के रूप में, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस संकट का जल्द हल निकले.

दिलजीत ने शेयर की सिंघु बॉर्डर की तस्वीरें

बता दें, दिलजीत (Diljit Dosanjh) ने अपने इस ट्वीट में सिंघु बॉर्डर की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं. हाल ही में, दिलजीत को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सिंघु बॉर्डर पर देखा गया. वे वहां किसानों का समर्थन करने पहुंचे थे. कंगना रनौत (Kangana Ranaut) से विवाद के बाद दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फैन फॉलोइंग काफी बढ़ गई है और इसके साथ ही दिलजीत भी अब खुल कर किसानों के समर्थन में खड़े हो गए हैं.

ये भी पढ़ें: मशहूर टीवी अभिनेत्री का कोरोना से निधन, सदमे में इंडस्ट्री और फैंस

बता दें, किसान आंदोलन (Farmers Protest) इस वक्त देश का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. किसानों ने 8 दिसंबर को ‘भारत बंद’ की घोषणा की है. साथ ही किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तो आंदोलन तेज किया जाएगा और राष्ट्रीय राजधानी आने वाले और मार्गों को अवरुद्ध कर दिया जाएगा.