नहीं देखी है तो जरुर देखें वेब सीरीज Delhi Crime, इन 5 कारणों से म‍िला Emmy Awards

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New Delhi: इंटरनैशनल एमी अवॉर्ड्स 2020 में ‘Delhi Crime’ वेब सीरीज ने परचम लहराया है। शेफाली शाह, राजेश तैलंग, रसि‍का दुग्‍गल, आदिल हुसैन, डेजिंल स्‍म‍िथ और जया भट्टाचार्य की इस शानदार सीरीज को बेस्‍ट ड्रामा सीरीज चुना गया है।

सीरीज के क्रिएटर रिची मेहता के साथ ही सभी ऐक्‍टर्स जहां इस उपलब्‍ध‍ि से खुश हैं, वहीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी से लेकर हसंल मेहता और स्‍वरा भास्‍कर ने भी इस जीत पर ‘डेल्‍ही क्राइम’ (Delhi Crime) की टीम को बधाइयां दी हैं। निर्भया कांड पर बने इस वेब सीरीज की स्‍क्र‍िप्‍ट तो जबरदस्‍त है ही, वेब सीरीज की ऐसी 5 बातें और हैं, जो इसकी सफलता का कारण बने हैं।

1. डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी यानी शेफाली शाह का कमाल

सात एपिसोड के इस वेब सीरीज (Delhi Crime) में शेफाली शाह ने डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी का किरदार निभाया है। वह खुद एक बेटी की मां हैं। लेकिन इसके साथ ही वह दिल्‍ली में हुए एक बर्बर गैंगरेप की घटना की जांच भी कर रही हैं। निर्भया गैंगरेप ने पूरे देश को सकते में ला दिया। आज भी उस बर्बर अपराध का जिक्र सिहरन पैदा करता है।

शेफाली शाह ने इस किरदार को ना सिर्फ बखूबी निभाया है, बल्‍क‍ि एक मां और एक पुलिस अध‍िकारी के द्वंद्व में भी उन्‍होंने जान डाल दी है। डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी एक ओर जहां इमोशनल है, वहीं वह एक साहसी पुलिस अध‍िकारी भी है। लंबी जांच और तमाम आध‍िकारिक दबाब के बीच मीडिया और समाज के सवालों का सामना भी डीसीपी साहिबा बखूबी करती हैं।

2. जबरदस्‍त स्‍टारकास्‍ट, हर एक ने दी है बेस्‍ट परफॉर्मेंस

शेफाली शाह ने जहां इस वेब सीरीज (Delhi Crime) में डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी का किरदार निभाया है, वहीं उनके साथ राजेश तैलंग, रसिका दुग्‍गल, आदिल हुसैन, डेंजिल स्‍म‍िथ और जया भट्टाचार्य जैसे दिग्‍गज भी हैं। राजेश तैलंग ने भूपेंद्र के किरदार में एक पुलिसवाले के रूप में वर्तिका का हर पल साथ दिया है। नीति सिंह के किरदार में रसिका दुग्‍गल ने भी छाप छेड़ी है। वह एक न्‍यूकमर पुलिस अफसर है, जो वर्तिका जैसी बनना चाहती हैं।

3. निर्भया गैंगरेप और पुलिस का पक्ष

‘डेल्‍ही क्राइम’ वेब सीरीज की सबसे बड़ी चुनौती उसकी कहानी है। निर्भया गैंगरेप एक ऐसी घटना है, जिसके बारे में पूरे देश और यहां तक कि दुनियाभर में खूब पढ़ा, देखा और सुना गया। ऐसे में एक ऐसी कहानी जिसके बारे में सभी को पहले से पता है, उसमें बांधकर रखना चुनौती का काम है। रिची मेहता ने इस पर खूब मेहनत की है।

गैंगरेप मामले में पुलिस की कार्रवाई पर खूब सवाल उठे। लेकिन इस वेब सीरीज में पुलिस का पक्ष दिखाया है। हर छोटी से छोटी डिटेल को कैप्‍चर किया गया। हर सुराग, हर बयान, पुलिस की जांच के हर पक्ष को सीरीज में बखूबी दिखाया गया है। यह वह बातें हैं, जो खबरों के शोर और प्रदर्शनों की चीख में छिप जाते हैं। हालांकि, कई बार आपको ऐसा लग सकता है कि यह वेब सीरीज दिल्‍ली पुलिस की इमेज को दुरुस्‍त करने की कोश‍िश है। लेकिन फिर भी 5 दिन की जांच और इसके लिए पुलिस की कोश‍िश देख कई सारी आशंकाएं दूर होती हैं।

4. राजनीतिक दबाब, मीडिया ट्रायल और भेदभाव

‘डेल्‍ही क्राइम’ में पुलिस का पक्ष दिखाया गया है। एक तरह से यह कहानी का वह हिस्‍सा है, जिसे हमने नहीं देखा या जिसके बारे में हम नहीं जानते। देश की राष्‍ट्रीय राजधानी में बर्बर गैंगरेप की घटना पुलिस पर एक साथ कई तरह के दबाव लेकर आती है।

राजनीतिक दबाब, मीडिया ट्रायल, प्रदर्शन, क्‍लास को लेकर भेदभाव और इन सबसे आगे जांच जारी रखने और नतीजे तक पहुंचने की जिद। यह सबकुछ आपको इस वेब सीरीज में देखने को मिलता है। सीरीज देखते हुए कई बार ऐसा लगता है कि सार ठीकरा पुलिस पर फोड़ने की भी कोश‍िश हुई, संसाधन की कमी भी एक कारण है। लेकिन इन सब के बीच एक ऐसा केस है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं।

5. एक अपराधी की सोच को सामने लाने की कोश‍िश

‘डेल्‍ही क्राइम’ सिर्फ गैंगरेप की जांच का सिलसिला नहीं दिखाती। इस वेब सीरीज में इस तरह के जघन्‍य अपराध को अंजाम देने वाले अपराध‍ियों की सोच और उनकी मानसिक स्‍थिति को दिखाने की भी पूरी कोश‍िश की गई है।

सीरीज देखते हुए हमें कहीं ना कहीं उस सवाल का भी जवाब मिलता है कि आख‍िर कोई इंसान ऐसी हैवानियत भरी हरकत कैसे कर सकता है? पीड़‍िता दीपिका को इस कदर दर्द देने और उसके साथ बर्बरता की हद पार करने की सोच आई कहां से? वेब सीरीज में अपराध‍ियों से पूछताछ के सेशंस ऐसे हैं कि आप पलभर के लिए भी खुद को स्‍क्रीन से दूर नहीं कर पाएंगे।