गूगल ने एक झटके में 12 हज़ार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, कहीं ये वैश्विक मंदी की आहट तो नहीं

गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट अपने 12,000 कर्मियों को नौकरी से निकाल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने कर्मचारियों के साथ साझा किए गए एक मेमो में यह जानकारी दी है। दुनिया की सबसे दिग्गज टेक कंपनी में छंटनी की इस खबर से बाजार भौंचक है। दो दिन पहले ही अल्फाबेट की प्रतिस्पर्धी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 10,000 कर्मचारियों को निकालने की बात कही थी।

 

माना जा रहा है कि इस छंटनी में कंपनी के एचआर विभाग, कॉरपोरेट कार्य, इंजीनियरिंग और उत्पाद विभाग की टीमें प्रभावित होंगी। गूगल ने कहा है कि छंटनी वैश्विक स्तर पर की जा रही है। अमेरिकी कर्मचारियों को यह फैसला तुरंत प्रभावित करेगा।

अल्फाबेट में छंटनी की यह खबर आर्थिक अनिश्चितता के एक ऐसे दौर में सामने आईं हैं जब गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियां जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में निवेश पर ध्यान केंद्रित कर रहीं हैं।

अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने नोट में कहा, “मैं अपने मिशन की ताकत, हमारे उत्पादों और सेवाओं की महत्ता और एआई क्षेत्र में हमारे शुरुआती निवेश के लिए हमारे सामने मौजूद विशाल अवसरों के बारे में आश्वस्त हूं।”

अपने मेमो में पिचाई ने कहा, “मेरे पास आपके के लिए एक बुरी खबर है। हमने अपने वर्कफोर्स में करीब 12000 की कटौती करने का फैसला किया है। अमेरिका में लोग इस फैसले से प्रभावित हो रहे हैं उन्हें एक अलग मेल भेज दिया गया है। दूसरे देशों में यह प्रक्रिया विभिन्न देशों के कानूनों और प्रावधानों के अनुसार अभी जारी रहेगी।”

पिचाई ने आगे लिखा, “इस फैसले का मतलब है कुछ अत्यंत प्रतिभावान लोगों से अलग होना, जिन्हें हमने बड़ी मेहनत के बाद हायर किया था। हमें उनके साथ काम कर बहुत अच्छा लगा। मैं इस फैसले के लिए माफी चाहता हूं।” साथ ही गूगल सीईओ ने कहा कि मैं इस स्थिति के लिए खुद के फैसलों को जिम्मेदार मानता हूं।

गूगल सीईओ ने अपने मेल में लिखा कि पिछले दो वर्षों में हमने नाटकीय विकास का दौर देखा। विकास के उस दौर से तारतम्य बिठाने, उसे मजबूती प्रदान करने और एक अलग तरह के आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए हमने बड़ी संख्या में प्रतिभाओं को हायर किया, पर मौजूदा स्थिति जिसका हम सामना करने को विवश हैं वह भिन्न है। अपने मेमो में उन्होंने छंटनी से प्रभावित होने वाले कर्मियों को दी जाने वाली सुविधाओं की भी चर्चा की।