Budget 2021: बजट के बाद आप कितने अमीर और गरीब हुए, यहां जानें

New Delhi: इस बार के बजट (Budget 2021) में टैक्स रेट्स के स्लैब (Tax rate slab in budget) में कोई बदलाव नहीं किया है, जिसका अधिकतर लोगों के लिए यही मतलब है कि उन पर लगने वाला टैक्स पहले जैसा ही रहेगा। लेकिन अगर आपकी सैलरी अधिक है और आप टैक्स घटाने के लिए वॉलिंटरी प्रोविडेंट फंड यानी वीपीएफ में पैसे डालते हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है।

दरअसल, अब अगर आप पीएफ (Tax rate slab in budget) में सालाना 2.5 लाख रुपये से अधिक पैसे जमा करते हैं तो अतिरिक्त पैसों पर कमाए हुए ब्याज पर आपको टैक्स (Tax on pf contribution above 2.5 lakh) चुकाना होगा।

एक उदाहरण से समझिए

मान लीजिए कि आपकी सैलरी 50 लाख रुपये सालाना है। ऐसे में इसमें से करीब 25 लाख रुपये यानी की आधी तो आपकी बेसिक सैलरी ही होगी और ऐसे में 12 फीसदी के हिसाब से आपकी पीएफ में योगदान करीब 3 लाख रुपये बनता है। पहले इस सारे पैसों पर कमाया जाने वाला ब्याज टैक्स (Tax rate slab in budget) फ्री था। अब 2.5 लाख रुपये तक पर मिला ब्याज तो टैक्स फ्री होगा, लेकिन 50 हजार रुपये पर कमाए गए ब्याज पर टैक्स लगेगा।

मौजूदा पीएफ ब्याज दर 8.5 फीसदी के हिसाब से देखा जाए तो ये ब्याज का आंकड़ा करीब 4250 रुपये निकलता है, जिस पर टैक्स लगेगा। अब आपको इस पर कितना टैक्स देना पड़ेगा, ये इस बात पर निर्भर करता है कि जिस साल में आप ये पैसे निकालते हैं, उस साल आप कौन से टैक्स स्लैब में आते हैं।

एक दूसरा उदाहरण भी देखिए

मान लीजिए कि आपकी कुल सैलरी 1 करोड़ रुपये है और आपकी बेसिक सैलरी 50 लाख रुपये है। ऐसे में 12 फीसदी के हिसाब से पीएफ में आपका कुल योगदान 6 लाख रुपये आता है। इसमें से 2.5 लाक पर आपको छूट मिल जाएगी, लेकिन 3.5 लाख रुपये के ब्याज पर आपको टैक्स चुकाना पड़ेगा। इस पर 8.5 फीसदी की दर से मिलने वाला ब्याज करीब 29,750 रुपये बनता है, जिस पर आपको टैक्स चुकाना होगा।

कितनी सैलरी वालों पर इस बजट का नहीं होगा कोई असर

अगर आपकी सैलरी 3.4 लाख प्रति महीने तक है, तो आप पर इस बजट का कोई असर नहीं होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इतनी सैलरी वालों की बेसक सैलरी करीब 1.7 लाख होगी, जिस पर हर महीने 12 फीसदी के हिसाब से लगभग 20,833 यानी लगभग 2.5 लाख पीएफ में जाएगा। इस तरह पूरा पैसे पर टैक्स से छूट मिल जाएगी। लेकिन अगर आपकी सैलरी 3.40 लाख प्रति महीने से अधिक है, तो आपकी सैलरी जितना ज्यादा है, आप पर असर उतना ही अधिक होगा।

यूलिप में पैसे लगाने वालों के लिए भी बुरी खबर

अगर आप यूलिप (ULIP) में पैसे लगाकर सेक्शन 10 (10डी) के तहत टैक्स बचाते हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है। अगर आपका सालाना प्रीमियम अमाउंट 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो आपको टैक्स बचाने का फायदा नहीं मिलेगा। ध्यान रहे, ऐसा नहीं है कि 2.5 लाख से अधिक प्रीमियम होने पर सिर्फ अतिरिक्त पैसों पर टैक्स का लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि पूरे प्रीमियम पर ही टैक्स का लाभ नहीं मिलेगा।

इतना ही नहीं, ऐसा स्थिति में इस स्कीम से हुई आपकी आय को कैपिटल गेन माना जाएगा और उस पर टैक्स भी उसी हिसाब से कैल्कुलेट किया जाएगा। मान लीजिए आपने यूलिप में 10 लाख के प्रीमियम के साथ निवेश किया। इस पर लगभग 8 फीसदी रिटर्न मिलता है, जिसका मतलब हुआ कि आपको 80 हजार रुपये का रिटर्न मिलेगा. पहले ये टैक्स फ्री था, लेकिन अब इस पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा, जिसका मतलब हुआ कि आपको 8 हजार रुपये टैक्स के रूप में चुकाने होंगे।