धोखेबाज चीन को अनिल अंबानी ने पहुंचाई 5000 करोड़ की चोट, लोग बोले- आप ही सच्चे भारतीय हो

नई दिल्ली. एक समय में दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमान अनिल अंबानी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं. चीन के बायकॉट (Boycott China) को लेकर लोग अनिल अंबानी को सच्चा भारतीय बता रहे हैं.

दरअसल, अनिल अंबानी की वजह से चीनी बैंकों को करीब 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. इसकी वजह से लोग उन्हें सच्चा भारतीय कह रहे हैं.

क्या है पूरा मामला?

अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने इस साल लंदन की एक अदालत में सुनवाई के दौरान कहा था मैं पहले बहुत अमीर  था, लेकिन अब मैं गरीब हूं। इसलिए चीनी बैंकों के 68 करोड़ डॉलर (करीब 5000 करोड़ रुपये) नहीं चुका सकता।

तीनों चीनी बैंकों ने अनिल अंबानी (Anil Ambani) के खिलाफ 680 मिलियन डॉलर का कर्ज नहीं चुकाने का मामला लंदन कोर्ट में दर्ज कराया है। ट्विटर यूजर्स इसी बात को लेकर मजे ले रहे हैं।

अनिल अंबानी सच्चे इंडियन

एक ट्विटर यूजर ने कहा कि पूरे देश में #BoycottChina की मांग की जा रही है। चाइनीज सामान नहीं खरीदने की अपील की जा रही है, जिससे उसकी इकॉनमी को नुकसान हो। एक हमारे अनिल अंबानी हैं, जिन्होंने चाइनीज बैंक को 700 मिलियन डॉलर (करीब 5000 करोड़ रुपये) देने से इनकार कर दिया। सच्चे इंडियन तो आप ही हैं, और आप पर हमें गर्व है।

डिफॉल्टर बनना है तो अनिल अंबानी की तरह बनो

एक ट्विटर यूजर ने कहा कि अगर आपको डिफॉल्टर ही बनना है तो अनिल अंबानी की तरह बनो, विजय माल्य की तरह नहीं। इसके साथ उसने उस न्यूज को शेयर किया है, जिसमें वे कहते हैं कि मैं तो अब कंगाल हो चुका हूं।

पीएम से भी अच्छे अनिल अंबानी

एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि अनिल अंबानी तो इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी से भी बेहतर हैं। कम से कम चीन से 700 मिलियन डॉलर तो लिया है।

अनिल अंबानी ने पहुंचाया चीन को बड़ा नुकसान

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा है कि अनिल अंबानी एकमात्र लिविंग लीजेंड और सच्चे इंडियन हैं, जिसने चीन को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।

ट्विटर पर आए अनिल अंबानी के अच्छे दिन

मानसी कौल ने लिखा है कि कभी नहीं सोचा था कि लोन डिफॉल्टर को कभी हीरो की तरह देखा जाएगा। कम से कम ट्विटर पर अनिल अंबानी के अच्छे दिन तो आ गए हैं। उन्हें #BoycottChina का चेहरा बना देना चाहिए।

अनिल अंबानी एक कदम आगे

एक ट्विटर यूजर ने कहा कि सरकारी एजेंसियां और सरकार चीनी कंपनियों को मिले कॉन्ट्रैक्ट को कैंसल और रिव्यू करने के बारे में विचार कर रही हैं। लेकिन अनिल अंबानी उससे दो कदम आगे हैं। पहले उन्होंने चीन के बैंकों से कर्ज लिया फिर खुद को बैंक्रप्ट घोषित कर दिया।