अब इस सेक्टर में बवाल काटने आ रहे हैं मुकेश अंबानी, अडानी से होगी सीधी टक्कर

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को गेमचेंजर माना जाता है. वो जिस चीज को छू लें, उसकी कीमत खुद-ब-खुद बढ़ जाती है. भारत में टेलीकॉम इंडस्ट्री का नक्शा बदलने का श्रेय उनको ही जाता है. लेकिन अब मुकेश अंबानी एक नई योजना बना रहे हैं.

वह पूरा कारोबार अपने बच्चों को सौंपने की सोच रहे हैं. हालांकि वह कारोबार तीनों बच्चों को पहले ही बांट चुके हैं. सबसे बड़े बेटे आकाश को टेलीकॉम बिजनेस मिला है. वहीं ईशा अंबानी को रिटेल की कमान सौंपी गई है. सबसे छोटे बेटे अनंत को पेट्रोकैमिकल्स और ऑयल रिफाइनिंग का कारोबार मिला है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की मानें तो मुकेश अंबानी अब पूरा फोकस ग्रीन एनर्जी पर लगाना चाहते हैं. पिछले साल उन्होंने ऐलान भी किया था कि कंपनी अगले 15 साल में ग्रीन एनर्जी पर जोर लगाएगी. इसके लिए 75 अरब डॉलर का भी भारी-भरकम निवेश किया जाएगा. साल 2035 तक रिलायंस ने कार्बन नेट-जीरो कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है.

इन्वेस्टर्स से हो रही बातचीत

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि भारत के अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी ग्रीन एनर्जी से जुड़ी रणनीति पर काम करेंगे. इसमें ब्लू हायड्रोजन फैसिलिटी और गीगा फैक्टरीज का कंस्ट्रक्शन शामिल है. अधिग्रहण के जरिए कंपनी आगे का रास्ता तय करेगी. इन्वेस्टर्स से भी बातचीत चल रही है.

कहा जाता है कि जब भी मुकेश अंबानी किसी प्रोजेक्ट को हाथ में लेते हैं तो उसमें अपनी पूरी मेहनत झोंक देते हैं. साल 1990 में उन्होंने पेट्रोलियम कारोबार के लिए कड़ी मेहनत की थी. इसके बाद पिछले 20 साल में उन्होंने पूरा जोर टेलीकॉम बिजनेस पर लगाया.

अडानी से होगी टक्कर

मुकेश अंबानी जिस सेक्टर में उतरने की योजना बना रहे हैं, वहां उनकी टक्कर अरबपति कारोबारी गौतम अडानी से होगा. गौतम अडानी ने ग्रीन एनर्जी बिजनेस में 70 अरब डॉलर के निवेश का टारगेट रखा है. मुकेश अंबानी भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं. जबकि गौतम अडानी न सिर्फ भारत बल्कि एशिया से सबसे रईस इंसान हैं.

सूत्रों ने बताया कि जो तहलका मुकेश अंबानी ने टेलीकॉम बिजनेस में मचाया था, वही अब वह रिन्यूएबल एनर्जी में करना चाहते हैं. कंपनी ने गुजरात के जामनगर स्थित धीरूभाई अंबानी हरित ऊर्जा परिसर में चार गीगा कारखानों की कंस्ट्रक्शन शुरू कर दी है. इसमें कंपनी को भविष्य नजर आ रहा है. रिलायंस ग्रीन हाइड्रोजन इकोनॉमी की पूरी वैल्यू चेन पर कब्जा जमाने की तैयारी में है.